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अजमेर दरगाह का 809 वां उर्स: दरगाह में संदल उतारने की रस्म कल, 12 फरवरी से 6 दिन के लिए खुलेगा जन्नती दरवाजा

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चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी से होगी उर्स की शुरूआत - Dainik Bhaskar

चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी से होगी उर्स की शुरूआत

अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के 809 वें उर्स की शुरूआत से पहले गुरुवार को संदल उतारने की रस्म अदा होगी। उर्स के दौरान 12 फरवरी को 6 दिन के लिए जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी से उर्स की विधिवत शुरूआत होगी।

वैसे उर्स की अनोपचारिक शुरूआत सोमवार को बुलंद दरवाजे पर झंडा चढने के साथ हो गई। जायरीन की आवक भी बढ़ गई है। उर्स को लेकर दरगाह कमेटी, पुलिस व प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे है। साल भर ख्वाजा साहब की मजार पर संदल पेश किया जाता है और यह संदल चांद की 28 तारीख को उतारने की परम्परा रही है। ऐसे में गुरुवार को उतारे जाने वाले संदल को जायरीनों में वितरण किया जाएगा।

जन्नती दरवाजे पर मन्नत का धागा बांधते जायरीन

जन्नती दरवाजे पर मन्नत का धागा बांधते जायरीन

साल में चार बार खुलता है जन्नती दरवाजा

इसके बाद 12 फरवरी चांद रात को तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। सालभर में जन्नती दरवाजा चार बार खोला जाता है लेकिन उर्स में सबसे ज्यादा 6 दिन के लिए खुलता है। एक दिन ईद उल फितर के मौके पर, एक दिन बकरा ईद के मौके पर और एक दिन ख्वाजा साहब के गुरु हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स के मौके पर यह दरवाजा खुलता है। परंपरा के अनुसार जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है। इसी परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है। जन्नती दरवाजे पर साल भर जायरीन मन्नत का धागा बांधते हैं। दरगाह जियारत को आने वाले जायरीन जन्नती दरवाजा से जियारत करने के लिए बेकरार नजर आते हैं। जायरीन सिर पर मखमल की चादर और फूलों की टोकरी लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

उर्स के लिए किए जा रहे इंतजाम

उर्स में आने वाले जायरीन के लिए कायड़ विश्राम स्थली में स्थित बहू मंजिला डोर मेट्री की साफ सफाई के अलावा अन्य पक्के निर्माणों की भी साफ-सफाई कराई जा रही है। उर्स के दौरान नमाज अदा करने के लिए अलग से अस्थाई मस्जिद तैयार कराई जा रही है। बुजु खाना भी अलग रहेगा। यहां ठहरने वाले जायरीन यहीं पर नमाज अदा कर सकेंगे। जेसीबी से समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा है। बिजली व पानी के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही है। दरगाह के आस पास मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारू रहे, इसके लिए नगर निगम ने पुलिस व दरगाह प्रतिनिधियों के साथ अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित जारी है। साथ ही दरगाह व आस पास क्षेत्र में पुलिस की ओर से सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गई है। जायरीनों को दरगाह में प्रवेश प्रशासन की ओर से जारी पास के आधार पर होगा, इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है।

अजमेर दरगाह के बाहर लगी जायरीनों की भीड़

अजमेर दरगाह के बाहर लगी जायरीनों की भीड़

चांद दिखाई देने पर होगी 12 से शुरूआत

अजमेर दरगाह के 809 वें उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी 2021 से हो जाएगी। चांद रात को को तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। यदि शाम को रजब महीने का चांद नजर आ गया तो रात से ही उर्स की रस्मों का आगाज शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन मजार शरीफ को गुस्ल देने और महफिल की रस्मों का आगाज हो जाएगा।

19 फरवरी को गरीब नवाज की छठी होगी और इसी दिन कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा। छठी के दिन ही इस बार जुमा भी आ रहा है। ऐसे में आशिकान-ए-ख्वाजा जुमे की नमाज भी छठी के दिन ही अदा करेंगे। बड़े कुल की रस्म 22 फरवरी को अदा की जाएगी। खुद्दाम-ए-ख्वाजा की ओर से बड़े कुल की फातिहा होगी और उर्स का विधिवत समापन हो जाएगा।

 

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