1280 लोगों ने 'बसाई' है ये पूरी दुनिया, अगर नहीं होते ये लोग तो धरती से खत्म हो जाते इंसान!

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1280 लोगों ने 'बसाई' है ये पूरी दुनिया, अगर नहीं होते ये लोग तो धरती से खत्म हो जाते इंसान!
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धरती पर इंसानों की आबादी आठ अरब से ज्यादा है. 1900 के बाद से इंसानों की आबादी तेजी से बढ़ती चली गई. कभी साल 1900 में धरती पर एक अरब इंसान थे, जो आज आठ अरब से ज्यादा हो गए हैं. हालांकि, एक वक्त ऐसा भी था, जब धरती पर इंसानों की आबादी महज 1280 लोगों की रह गई थी. आगे चलकर इन लोगों की वजह से ही धरती पर से इंसानों की आबादी खत्म होने से बची. आइए जानते हैं कि आखिर ये कैसे हुआ. 

दरअसल, ईस्ट चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी ने एक मॉडल तैयार किया है. इसके जरिए आधुनिक जीन वंशावली की स्टडी की जा सकती है. इसके जरिए आबादी को भी मापा जा सकता है. इस मॉडल के जरिए चीनी वैज्ञानिकों ने अफ्रीकी और गैर-अफ्रीकी आबादी के 3,154 लोगों के डीएनए का विश्लेषण किया. रिजल्ट में पता चला कि एक वक्त दुनिया में सिर्फ 1280 लोग रह गए थे, जो प्रजनन कर धरती की आबादी को बढ़ा सकते थे. इस तरह के हालात 1.17 लाख तक बने हुए थे.

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एक लाख साल तक कम रही आबादी 

डेली मिरर के मुताबिक, रिसर्च में बताया गया है कि 9 लाख साल पहले धरती पर से शुरुआती इंसान खत्म होने की कगार पर आ गए थे. उस वक्त धरती शीतकाल से गुजर रही थी. इसे मध्य प्लीस्टोसीन युग के तौर पर जाना जाता है. मध्य प्लीस्टोसीन युग कुल मिलाकर एक लाख साल से ज्यादा वक्त तक रहा है. ये वक्त मानवता के लिए बेहद ही खतरनाक था. साइंस जर्नल में प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि उस वक्त इंसानों की 99 फीसदी आबादी धरती से खत्म हो चुकी थी. 

इंसान की बेबसी को दिखाती है ये स्टडी

स्टडी की सीनियर लेखक यी-सुआन पान ने कहा कि ये नतीजें इंसानों के विकास में हुए नए क्षेत्र की जानकारी हमें देते हैं. उन्होंने कहा कि नतीजों की वजह से कई सारे सवाल उठते हैं, जैसे ये लोग किन जगहों पर रहे, जिनकी वजह से इनकी जान नहीं गई. वे विनाशकारी जलवायु परिवर्तन को किस तरह काबू में कर पाए. क्या उस समय इंसानों ने जिस तरह चुनौतियों को पार किया, उसकी वजह से ही आज इंसानी दिमाग इतना ज्यादा विकसित हो पाया है. 

मानव विकास के ब्रिटिश एक्सपर्ट्स निक एश्टन और क्रिस स्ट्रिंगर का कहना है कि ये नतीजे हमें बताते हैं कि हमारे पूर्वजों को कम होती जनसंख्या से बुरी तरह जूझना पड़ा. इसकी शुरुआत 9,30,000 पहले हुई और ये लगभग 1.20 लाख साल तक चलता रहा. वह कहते हैं कि ये दिखाता है कि शुरुआती समय में इंसान प्रकृति के आगे कितना ज्यादा बेबस था.

The population of humans on earth is more than eight billion. After 1900, the human population went on increasing rapidly. Once in the year 1900, there were one billion humans on earth, which today have increased to more than eight billion. However, there was a time when the human population on earth was reduced to only 1280 people. Later, it was because of these people that the human population on earth was saved from extinction. Let us know how this happened after all.

Actually, East China Normal University has prepared a model. Modern gene genealogy can be studied through this. Population can also be measured through this. Through this model, Chinese scientists analyzed the DNA of 3,154 people from African and non-African populations. The result revealed that at one time only 1280 people were left in the world, who could increase the earth's population by reproducing. Such conditions remained till 1.17 lakh.


Population remained low for one lakh years

According to Daily Mirror, research has shown that 9 lakh years ago, the early humans on earth were on the verge of extinction. At that time the earth was passing through winter. This is known as the middle Pleistocene era. The Middle Pleistocene Epoch lasted more than a million years in total. This time was very dangerous for humanity. A study published in the Science Journal states that at that time 99 percent of the human population had been wiped out from the earth.

This study shows the helplessness of man

Senior author of the study, Yi-Suan Pan, said that these results give us information about new areas in human evolution. He said that the results raise many questions, like where these people stayed, due to which they did not die. How were they able to control the devastating climate change. Is it because of the way humans overcame the challenges at that time that the human brain has developed so much today?

British experts on human evolution Nick Ashton and Chris Stringer say that these results tell us that our ancestors had to struggle badly with the decreasing population. It started 9,30,000 years ago and it continued for about 1.20 lakh years. He says that this shows how helpless man was in front of nature in the early times.

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