बेटी के नए घर में गृह प्रवेश के दिन माता-पिता की मौत, खून से रच गए गिफ्ट और मिठाइयां

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बेटी के नए घर में गृह प्रवेश के दिन माता-पिता की मौत, खून से रच गए गिफ्ट और मिठाइयां

बेटी के नए घर में गृह प्रवेश के दिन माता-पिता की मौत, खून से रच गए गिफ्ट और मिठाइयां

नागौर. राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता कस्बे से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है । मेड़ता इलाके में कल देर शाम हुए एक सड़क हादसे में बुजुर्ग दंपति की मौत हो गई । आज दंपति की बेटी के मकान का गृह प्रवेश था। जिस समय गृह प्रवेश होना था । उस समय माता-पिता की अर्थी निकल रही थी। वह बेटी के गृह प्रवेश में शामिल होने के लिए ही घर से निकले थे, लेकिन उनके ऊपर लोहे से भरा हुआ एक ट्रक पलट गया । जब तक उन्हें ट्रक के नीचे से निकाला गया , तब तक उनकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी। वे अपनी बेटी दामाद और नवासे के लिए नए कपड़े , उपहार, मिठाइयां लेकर पहुंचने वाले थे।

बेटी के लिए बर्तन, कपड़े, गहने और मिठाइयां लेकर निकले थे माता-पिता
मेड़ता रोड थाना पुलिस ने बताया कि रेणी कस्बे में रहने वाले रामकिशोर आचार्य और उनकी पत्नी चुका देवी जोधपुर में अपनी बेटी के गृह प्रवेश के लिए जा रहे थे । वह रविवार दोपहर घर से निकले थे । उनके पास खुद का लोडिंग टेंपो था। राम किशोर आचार्य बर्तनों के कारोबारी थे। वे बेटी के लिए बर्तन , कपड़े, गहने , मिठाइयां लेकर घर से रवाना हुए थे और साथ ही जोधपुर में एक व्यक्ति के यहां बर्तनों की डिलीवरी करने के लिए बर्तन भी लेकर निकले थे। आज मिठाइयां और कपड़े बेटी को देने थे।

कुछ दिन पहले नया घर बनकर हुआ था तैयार
घर से निकलने के कुछ घंटे बाद ही नागौर इलाके में उनकी मौत हो गई । हाईवे के नजदीक से गुजरने के दौरान लोहे से भरा हुआ एक ट्रक लोडिंग पर पलट गया और लोडिंग पूरी तरह से पिचक गई । पुलिस ने बताया रामकिशोर के तीन बच्चे हैं । जिनमें दो बेटियों की शादी जोधपुर में हुई है। एक बेटी का घर बनाकर तैयार हुआ था और सोमवार को गृह प्रवेश था , लेकिन अब गृह प्रवेश टल गया है।

बेटा-बहू और पोते की ऐसे बच गई जान
पुलिस ने यह भी बताया कि रामकिशोर के साथ उनका बेटा , बहू और पोता भी जोधपुर जाने वाले थे । लेकिन लोडिंग गाड़ी में जगह नहीं होने के कारण उन्होंने जोधपुर जाना टाल दिया था। इस कारण उन तीनों की जान बच गई। वरना उन तीनों की भी मौत संभव थी । आज पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिए हैं । गृह प्रवेश के दिन माता-पिता को अंतिम संस्कार किया गया है। जोधपुर से लेकर नागौर तक कोहरा मचा हुआ है।

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Parents died on the day of housewarming in daughter's new house, gifts and sweets were made of blood

Nagaur. Heart-wrenching news has come out from Merta town of Nagaur district of Rajasthan. An elderly couple died in a road accident in Merta area late yesterday evening. Today was the house warming ceremony of the couple's daughter's house. The time when the housewarming ceremony was to take place. At that time the funeral procession of the parents was leaving. He had left the house to attend his daughter's house warming ceremony, but a truck filled with iron overturned on him. By the time he was taken out from under the truck, he had died a painful death. He was about to arrive with new clothes, gifts and sweets for his daughter, son-in-law and grandson.

Parents had come out with utensils, clothes, jewelery and sweets for their daughter.
Merta Road police station said that Ramkishore Acharya and his wife Chuka Devi, living in Reni town, were going to Jodhpur for the house warming ceremony of their daughter. He left home on Sunday afternoon. They had their own loading tempo. Ram Kishore Acharya was a businessman of utensils. He left home with utensils, clothes, jewellery, sweets for his daughter and also took utensils to deliver the utensils to a person in Jodhpur. Today sweets and clothes were to be given to the daughter.

The new house was ready a few days ago
He died in Nagaur area a few hours after leaving home. While passing near the highway, a truck loaded with iron overturned and the loading was completely crushed. Police said that Ramkishore has three children. Out of which two daughters got married in Jodhpur. A daughter's house was ready and the house warming ceremony was scheduled for Monday, but now the house warming ceremony has been postponed.

This is how the lives of son, daughter-in-law and grandson were saved.
Police also told that along with Ramkishore, his son, daughter-in-law and grandson were also going to Jodhpur. But due to lack of space in the loading vehicle, he postponed going to Jodhpur. Due to this, the lives of all three were saved. Otherwise, death of all three of them was also possible. Today the police have handed over the bodies to the relatives. The parents were cremated on the day of house warming. There is fog from Jodhpur to Nagaur.