पुलिस पर हमला करने वालों के ठिकानों पर चला बुलडोजर, करोड़ों की जमीन को कारया कब्जा मुक्त

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पुलिस पर हमला करने वालों के ठिकानों पर चला बुलडोजर, करोड़ों की जमीन को कारया कब्जा मुक्त

पुलिस पर हमला करने वालों के ठिकानों पर चला बुलडोजर, करोड़ों की जमीन को कारया कब्जा मुक्त

बूंदी जिले में कोटा पुलिस ( Kota police) पर हमले के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. अपराधी की कमर तोड़ने के लिए उसके ठिकानों पर बुलडोजर चलाया गया. जिले के हिंडोली थाना क्षेत्र के बासनी गांव में मोस्टवांटेड रामराज की संपत्ति को बुलडोजर के जरिए ध्वस्त कर दिया .

 बेशकीमती भूमि पर किया था अवैध कबजा
गौरतलब है कि आरोपी रामराज ने राजस्व और फॉरेस्ट की करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया हुआ था. हमले के समय आरोपी भी यही छुपा हुआ था. पुलिस के अनुसार, हार्डकोर अपराधी पर हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, चोरी, सरकारी भूमि सहित वन विभाग की भूमि पर कब्जा करनेऔर अवैध खनन सहित कई मामले दर्ज है. आरोपी के खिलाफ दस संगीन मामले अलग- अलग थाने में दर्ज है.

रामराज के गांव में होने की मिली थी सूचना
मामले को लेकर एसपी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि 23 मई को कोटा अनंतपूरा थाना के मोस्ट वांटेड अपराधी रामराज के हिंडोली क्षेत्र के बासनी गांव में होने की सूचना मिली थी. इसी सूचना पर अनंतपुरा पुलिस टीम हिंडोली और स्थानीय पुलिस बल की मदद से बासनी गांव पहुंची. यहां तलाशी के बाद मोस्ट वांटेड रामराज को टीम ने डिटेन कर हिंडोली थाने लाया जा रहा था, तभी बदमाश ने अपनी लोगों से पुलिस टीम पर पत्थर फेंकने का इशारा करवाया. जब तक पुलिस संभल पाती  तब तक लोगों ने पुलिस कर्मियों के सामने तलवार से हमला करने पहुंच गए. 

 बदमाश को पकड़ने की कोशिश भी की
हंगामा इतना बढ़ा की गांव में हड़कंप मच गया. लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. हमलावर मोस्ट वांटेड को भगाने में सफल रहे. बाद में पुलिस टीम ने बदमाश को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह असफल रही. वहीं पुलिस टीम ने तुरंत कंट्रोल रूम को इस मामले में जानकारी दी।  जिसके बाद सभी थानों में नाकेबंदी करवाई. इस घटनाक्रम के दो दिन बाद अपराधी रामराज मीणा को शकरगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. आरोपी पर केसर सिंह संचालक की हत्या, हिंडोली के पूर्व थाना प्रभारी अजीत मेघवंशी पर प्राण घातक हमला जैसे कई आरोप है.

पुलिस ने निकाला था बदमाश का जुलूस
हिंडोली क्षेत्र के बासनी गांव में ट्रक चोरी सहित अन्य मामलों में फरार आरोपी को पकड़ने गई कोटा पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाला  आरोपी रामराज मीणा का पुलिस ने हथकड़ी पहनाकर पैदल जुलूस भी निकाला था. जुलूस निकालने के पीछे पुलिस का मकसद गांव में आरोपी की दहशत को खत्म करना हैं इसलिए  हिंडोली पुलिस ने भारी जाब्ते के साथ आरोपी को हथकड़ी पहनाते हुए हर गली में आरोपी को घुमाया गया.

ये रहे मौजूद
कार्रवाई के लिए एसडीएम विनोद कुमार, डीएसपी घनश्याम मीना, हिंडोली सीआई पवन कुमार भारी पुलिस बल के साथ बासनी गांव पहुंचे और बुल्डोजर चलाकर संपति अपने कब्जे में ली.

Bulldozers run on the hideouts of those who attacked the police, land worth crores freed from encroachment

The district administration has taken a tough stand in the case of attack on Kota police in Bundi district. Bulldozers were run on the hideouts of the criminal to break his back. The property of most wanted Ramraj was demolished through bulldozer in Basni village of Hindoli police station area of ​​the district.

Illegal occupation of valuable land

It is worth noting that the accused Ramraj had occupied valuable land worth crores of rupees of revenue and forest. The accused was also hiding there at the time of the attack. According to the police, several cases including attempt to murder, fraud, theft, occupation of forest department land including government land and illegal mining are registered against the hardcore criminal. Ten serious cases are registered against the accused in different police stations.

Information was received about Ramraj being in the village

Regarding the matter, SP Hanuman Prasad Meena said that on May 23, information was received about Kota Anantpura police station's most wanted criminal Ramraj being in Basni village of Hindoli area. On this information, Anantpura police team reached Basni village with the help of Hindoli and local police force. After searching here, the team detained the most wanted Ramraj and was being brought to Hindoli police station, when the miscreant signaled his people to throw stones at the police team. By the time the police could recover, people reached the police personnel to attack them with swords.

Tried to catch the miscreant
The uproar increased so much that there was a stir in the village. A huge crowd of people gathered. The attackers were successful in running away with the most wanted. Later the police team also tried to catch the miscreant, but it was unsuccessful. At the same time, the police team immediately informed the control room about this matter. After which blockade was done in all the police stations. Two days after this incident, criminal Ramraj Meena was arrested from Shakargarh. The search for other accused is on. The accused has several charges like murder of Kesar Singh operator, attempt to murder of former station in-charge of Hindoli Ajit Meghvanshi.

Police had taken out a procession of the miscreant

The police had taken out a procession of the accused Ramraj Meena handcuffed and who had fired on the Kota police team that had gone to arrest the absconding accused in other cases including truck theft in Basni village of Hindoli area. The purpose of the police behind taking out the procession is to end the terror of the accused in the village, therefore, Hindoli police took the accused handcuffed and paraded him in every street with a heavy contingent.

These were present

For the action, SDM Vinod Kumar, DSP Ghanshyam Meena, Hindoli CI Pawan Kumar reached Basni village with a heavy police force and took the property in their possession by running a bulldozer.