बीकानेर की साहित्यकार मोनिका गौड़ को ‘कन्हैयालाल सेठिया साहित्य सम्मान’, कोलकाता में 15 मार्च को होगा सम्मान समारोह

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बीकानेर की साहित्यकार मोनिका गौड़ को ‘कन्हैयालाल सेठिया साहित्य सम्मान’, कोलकाता में 15 मार्च को होगा सम्मान समारोह
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बीकानेर। कोलकाता की प्रतिष्ठित संस्था विचार मंच ने वर्ष 2026 के राष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘कन्हैयालाल सेठिया साहित्य सम्मान’ बीकानेर की वरिष्ठ साहित्यकार, समालोचक और साहित्यिक आयोजनों की कुशल संचालक मोनिका गौड़ को प्रदान किया जाएगा।

संस्थान के मंत्री प्रदीप पटवा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान समग्र साहित्यिक अवदान के लिए प्रदान किया जाता है। वर्ष 2026 के लिए इस सम्मान के लिए मोनिका गौड़ का चयन उनके हिंदी और राजस्थानी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

संस्था के अध्यक्ष सरदारमल कांकरिया ने बताया कि सम्मान समारोह रविवार 15 मार्च 2026 को कोलकाता स्थित एस.पी.के. जैन फ्यूचररिस्टिक अकादमी में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी हरिप्रसाद बुधिया करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रमोद कुमार सराफ उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर मोनिका गौड़ को एक लाख रुपये की नकद राशि, सम्मान-पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया जाएगा।

संस्थान प्रतिनिधि किशोर ने बताया कि मोनिका गौड़ की हिंदी और राजस्थानी भाषा में 10 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे विभिन्न साहित्यिक मंचों पर राजस्थानी भाषा का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और साहित्य सृजन, समालोचना तथा मंच संचालन के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

उनकी प्रमुख कृतियों में ‘हथेली में चाँद’ और ‘अंधारै री उधारी अर रीसाणों चाँद’ विशेष रूप से चर्चित रही हैं। उनकी रचनाओं का प्रसारण दूरदर्शन और आकाशवाणी से भी होता रहा है। इसके साथ ही वे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और रेख्ता फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भी राजस्थानी कविता का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

इस सम्मान की घोषणा के बाद साहित्य जगत में खुशी की लहर है। राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति के श्याम महर्षि ने इसे बीकानेर सहित पूरे राजस्थान के साहित्य जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। साहित्यकार रवि पुरोहित ने कहा कि यह सम्मान मोनिका गौड़ की निरंतर साहित्य साधना का सम्मान है।

प्रखर पत्रकार और लेखक सुमित शर्मा ने कहा कि यह चयन क्षेत्रीय साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं जगदीश शर्मा, ओमप्रकाश गौड़, डॉ. आत्माराम शर्मा, डॉ. शारदा कृष्ण और मनीषा आर्य सोनी ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बीकानेर और राजस्थान की महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि बताया।