गौशाला में 100 से ज्यादा गायों की मौत, अध्यक्ष का इस्तीफा, टीकाराम जूली ने सरकार पर उठाए सवाल
श्रीगंगानगर गौशाला में गायों की मौत से फैला आक्रोश
श्रीगंगानगर गौशाला में गायों की मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। रायसिंहनगर क्षेत्र की भोमपुरा गौशाला में पिछले कुछ दिनों के भीतर 100 से ज्यादा गोवंश की मौत होने की चर्चा है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
यह गौशाला समेजा कोठी थाना क्षेत्र में स्थित है, जहां देर शाम अंधेरा होने के कारण हालात का सही आकलन करना मुश्किल हो गया था। फिलहाल पुलिस बल मौके पर तैनात है और प्रशासन जांच में जुटा हुआ है।
खड्डों में दबाए गए गोवंश के शव, हालात गंभीर
श्रीगंगानगर गौशाला में गायों की मौत का खुलासा होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। जानकारी के अनुसार, गौशाला परिसर में बड़े-बड़े खड्डे खोदे गए, जिनमें मृत गोवंश के शव दबाए गए थे। कई शव सड़-गल चुके थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौतें एक-दो दिन की नहीं बल्कि पिछले कई दिनों से हो रही थीं।
सूत्रों का कहना है कि रोजाना 2 से 3 गायों की मौत हो रही थी और शवों को चुपचाप मिट्टी में दबा दिया जाता था, ताकि मामला बाहर न आए।
गौशाला प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में भारी गंदगी फैली हुई थी। सूखे और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और कड़ाके की सर्दी में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।
इसी लापरवाही के चलते श्रीगंगानगर गौशाला में गायों की मौत का सिलसिला थमता नहीं दिखा। घटना के सामने आते ही गौशाला प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
अध्यक्ष का इस्तीफा, जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी
मामला तूल पकड़ने के बाद गौशाला अध्यक्ष पालाराम बिश्नोई को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बावजूद ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।
अनूपगढ़ से अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सुभाष चौधरी ने बताया कि फिलहाल गौशाला की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सरपंच को सौंप दी गई है, लेकिन मौतों की संख्या और कारणों की जांच जारी है।
कांग्रेस ने बनाया राजनीतिक मुद्दा
श्रीगंगानगर गौशाला में गायों की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। श्रीकरणपुर से कांग्रेस विधायक एवं जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह रूबी सहित कई कांग्रेस नेता भोमपुरा पहुंचकर हालात का जायजा लेने की तैयारी में हैं।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गोवंश संरक्षण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि इतनी बड़ी संख्या में गोवंश की मौत कैसे हुई।
उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि श्रीगंगानगर गौशाला में गायों की मौत के पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो, ताकि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


