बीकानेर: ओसवाल श्मशान भूमि में पौधारोपण एवं सौन्दर्यीकरण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बीकानेर की ओसवाल श्मशान भूमि में पौधारोपण एवं सौन्दर्यीकरण अभियान आयोजित किया गया। समाजबंधुओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और स्वच्छ हरित परिसर का संदेश दिया।
बीकानेर: ओसवाल श्मशान भूमि में पौधारोपण एवं सौन्दर्यीकरण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बीकानेर। जैन समाज की अमूल्य धरोहर ओसवाल श्मशान भूमि (गोगा गेट सर्किल के निकट) में रविवार सुबह पौधारोपण एवं सौन्दर्यीकरण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य परिसर को अधिक हरित, स्वच्छ एवं सुंदर बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और सामाजिक सहभागिता का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए चंद्र सिंह पारख ने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा परिसर के सौन्दर्यीकरण का कार्य भी किया गया। उन्होंने कहा कि हरित वातावरण का निर्माण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जीतू पारख ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल समाजबंधुओं ने स्वयं पौधारोपण कर पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण और हरियाली की अमूल्य सौगात बनेगा।
हीराचंद सेठिया ने बताया कि कुछ वर्ष पहले इसी परिसर की खाली भूमि पर पक्षी विहार का निर्माण और वृक्षारोपण किया गया था। आज वे पौधे विशाल वृक्ष बन चुके हैं, जो हरियाली, शीतल छाया और पक्षियों के सुरक्षित आश्रय का केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने इसे समाज की सामूहिक भागीदारी, जीवदया और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
इस अवसर पर आई. एम. सुराणा, चंद्र सिंह पारख, अजीत खजांची, जीतू पारख, हरीश नाहटा, संजय जैन सांड, हीराचंद सेठिया, प्रदीप पारख, अशोक पारख एवं शुभु कोचर सहित अनेक समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के इस जन-अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।
"एक पेड़ – अनेक पीढ़ियों का उपहार।"
"एक पेड़ लगाएं, प्रकृति का ऋण चुकाएं।"


