नव वर्ष पर अनोखा विरोध: बीकानेर नर्सेज एसोसिएशन ने सरकार को खून से लिखे 10,000 पोस्टकार्ड, भर्ती में मेरिट+बोनस प्रणाली की मांग
नव वर्ष पर अनोखा विरोध: बीकानेर नर्सेज एसोसिएशन ने सरकार को खून से लिखे 10,000 पोस्टकार्ड, भर्ती में मेरिट+बोनस प्रणाली की मांग
जहां लोग नव वर्ष का उत्सव मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत बीकानेर के सदस्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं और संविदा कर्मचारियों के भविष्य को लेकर एक अनोखा और गंभीर संदेश दिया। संगठन ने सरकार से नई नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट तथा पैरामेडिकल भर्ती को मेरिट + बोनस सिस्टम के आधार पर जारी करने की मांग उठाई और इसके समर्थन में मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री को खून से लिखे पोस्टकार्ड भेजे।
जिलाध्यक्ष श्योपत गोदारा ने बताया कि बीकानेर यूनिट की ओर से आज 100 से अधिक पोस्टकार्ड प्रेषित किए गए हैं, जबकि राजस्थान स्तर पर यह संख्या 10 हजार तक पहुंचने वाली है। यह मांग संविदा पर कार्यरत हजारों नर्सेज साथियों के हित से जुड़ी है, ताकि आगामी भर्ती प्रक्रिया में बोनस मिलने से उनके अनुभव को उचित सम्मान मिले और उन्हें नौकरी में अवसर प्राप्त हो सकें।
गोदारा के अनुसार, भर्ती को मेरिट + बोनस सिस्टम से लागू करने से
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अनुभवी नर्सों को स्थाई नियुक्ति का मौका मिलेगा
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स्वास्थ्य सेवाएं अधिक कुशल और गुणवत्तापूर्ण होंगी
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हजारों परिवारों को स्थिर आय का लाभ मिलेगा
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अस्पतालों में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहेगा
संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो अगला चरण और बड़ा होगा। नर्सेज यूनियन प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपेगी, इसके बाद जयपुर में राज्यस्तरीय एक बड़ी सभा और रणनीति के साथ संघर्ष आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कार्यक्रम में राकेश कड़वासरा, उवेश भाटी, बजरंग सियाग, राजेश सिंह बोरा, प्रतीक पारीक, महेंद्र सिंह झोरड़, सत्येंद्र सिंह राठौड़, अजीमुद्दीन सिद्दीकी, भरत तंवर, रजाक अहमद सहित कई नर्सेज और फार्मासिस्ट साथी मौजूद रहे।
यह आंदोलन राजस्थान में नर्सिंग और पैरामेडिकल सेक्टर की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। जहां एक ओर स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के प्रयास चल रहे हैं, वहीं संविदा कर्मचारियों की स्थाईकरण की मांग वर्षों से जारी है। सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।


