एक ही शख्स का सात दिन में दूसरी बार अंतिम संस्कार, हत्या और साजिश की यह कहानी आपको भन्नाकर रख देगी

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एक ही शख्स का सात दिन में दूसरी बार अंतिम संस्कार, हत्या और साजिश की यह कहानी आपको भन्नाकर रख देगी
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एक ही शख्स का सात दिन में दूसरी बार अंतिम संस्कार, हत्या और साजिश की यह कहानी आपको भन्नाकर रख देगी

झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ थाना इलाके में हुई एक खौफनाक आपराधिक वारदात का बड़ा खुलासा हुआ है. यह खुलासा आपके दिमाग को हिला डालेगा. यह खुलासा मुकुंदगढ़ में होली की रात कार में जले मिले शव के मामले में हुआ है. इस जली हुई कार में जिस फौजी विकास भास्कर को मरा हुआ मानकर उसके अवशेषों का अंतिम संस्कार किया गया था, वह जिंदा मिल गया. लेकिन आज वास्तव में उसकी मौत हो गई. कार में जिस शव के अवशेष मिले थे माना जा रहा है उसे फौजी ने ही मारा था. लेकिन वह पुलिस से बचने के लिए भाग गया था.

पुलिस ने जब इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ी तो वह भी भन्ना उठी. प्रारंभिक रूप से माना जा रहा है कि इस वारदात को किसी बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए अंजाम दिया गया था. लेकिन यह प्लान सिरे नहीं चढ़ पाया है. संभवतया आज शाम को पुलिस अधीक्षक इस पूरे मामले का खुलासा करेंगे.

पुलिस के अनुसार इस पूरे केस का मुख्य पात्र फौजी विकास भास्कर था. वह मुकुंदगढ़ थाना इलाके के कंवरपुरा बालाजी गांव का रहने वाला था. होली की रात डूंडलोद गांव से बलरिया जाने वाले रास्ते पर बने रेलवे अंडरपास के पास एक कार में आग लग गई थी. यह कार विकास भास्कर की थी. उस आग में एक शख्स जिंदा जल गया था. उस शख्स को विकास भास्कर माना जा रहा था. बाद में पुलिस ने कार में मिले शव का डीएनए जांच के लिए सेम्पल लिया. फिर अवशेषों को उसके परिजनों को सौंप दिया गया था. परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया.

विकास की आज हुई है अस्पताल में मौत
अब सामने आया है कि कार में जिस शख्स की लाश मिली थी वह विकास नहीं था. विकास भास्कर की वास्तव में आज सुबह झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में मौत हुई है. वह रविवार को अपने घर पहुंचा था. उसके बाद विकास के परिजनों ने पुलिस को फोन कर इस बारे में बताया. पुलिस जब वहां पहुंची उससे पहले उसने जहर खा लिया. इस पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जा गया और बाद में झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल रेफर कर दिया गया.

This story of funeral, murder and conspiracy of the same person for the second time in seven days will leave you stunned.

A major criminal incident has come to light in the Mukundgarh police station area of Jhunjhunu district. This revelation will blow your mind. This has been revealed in the case of a burnt body found in a car on the night of Holi in Mukundgarh. In this burnt car, the remains of soldier Vikas Bhaskar, whose remains were considered dead and were cremated, were found alive. But today he actually died. The body whose remains were found in the car is believed to have been killed by the soldier. But he ran away to escape from the police.

When the police linked the link to this case, she too was shocked. Initially it is believed that this incident was carried out to implement some big financial fraud plan. But this plan has not come to fruition. Probably the Superintendent of Police will reveal this entire matter this evening.

According to the police, the main character of this entire case was soldier Vikas Bhaskar. He was a resident of Kanwarpura Balaji village of Mukundgarh police station area. On the night of Holi, a car caught fire near the railway underpass on the way from Dundlod village to Balaria. This car belonged to Vikas Bhaskar. A person was burnt alive in that fire. That person was believed to be Vikas Bhaskar. Later, the police took the DNA sample of the dead body found in the car for testing. The remains were then handed over to his family. The family members also performed his last rites.

Vikas died in the hospital today
Now it has come to light that the person whose dead body was found in the car was not Vikas. Vikas Bhaskar actually died this morning in BDK Hospital, Jhunjhunu. He reached his home on Sunday. After that Vikas's family called the police and informed about this. He consumed poison before the police reached there. On this, he was first taken to the local hospital and later referred to BDK Hospital in Jhunjhunu.

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