राजस्थान से मुंबई पहुंची सेक्स वर्कर की दर्दनाक कहानी: मां-भाई ने ही जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला

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राजस्थान से मुंबई पहुंची सेक्स वर्कर की दर्दनाक कहानी: मां-भाई ने ही जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला
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राजस्थान से मुंबई पहुंची सेक्स वर्कर की दर्दनाक कहानी: मां-भाई ने ही जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला

12 वर्ष की उम्र में परिजनों ने देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। अब जब घर बसाने के लिए तैयार हुई तो परिवार के लोग ही दीवार बनकर खड़े हो गए। युवती ने अपना जीवन साथी भी चुन लिया और वो इस जिस्मफरोशी के जाल से आजाद होकर अपना नया जीवन बसाना चाहती है। हालांकि पीड़िता के एक 5 साल का बेटा है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाकर दोनों भाई और बड़ी भाभी व मां के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

देह व्यापार को नहीं करना चाहती
बूंदी जिले के एक गांव की रहने वाली गीता (बदला हुआ नाम) ने बताया कि 2014 में वह 12 वर्ष की थी, तब परिजनों ने आठ लाख रुपए में ढाई साल के लिए ग्वालियर में गिरवी रख दिया। वहीं तीन साल पढ़ा लिखाकर मुंबई में देह व्यापार के दलदल में बेच दिया। तब से वो देह व्यापार के दलदल में हैं। उसे मां, दोनों भाई व बड़ी भाभी ने इस दलदल में धकेला है। अब जब 27 वर्ष की उम्र में गीता इस देह व्यापार को नहीं करना चाहती, लेकिन परिजन उसे इस दलदल से निकलने नहीं दे रहे है। जैसे-तैसे पीड़िता दलालों के चंगुल से छुटकर बूंदी पहुंची।

3 फरवरी को होगा विवाह
उसने बूंदी की एक कॉलोनी में रहने वाले युवक के साथ अपना घर बसाने का निर्णय किया, लेकिन पीड़िता को घर वालों का डर सता रहा है। पीड़िता की माने तो उसने इस बुराई से लड़कर अपना सुकून भरा जीवन जीने का निर्णय कर लिया है। 3 फरवरी को रामनगर में गीता का हिंदू रीति-नीति के साथ विवाह होगा। कई सामाजिक संगठन जन प्रतिनिधि ओर प्रशासनिक ओर पुलिस विभाग के अधिकारी इस विवाह के साक्षी बनेंगे। नवयुगल जोड़े को घर बसाने के लिए कई अभिभाषक परिषद सहित कई सामाजिक संगठन उपहार स्वरुप घरेलु सामान भेंट करेंगे।

फिर प्रताड़ित करने लगे
गीता ने बताया कि गिरवी रखने का समय पूरा होने के बाद वो वापस आना चाहती थी,लेकिन गिरवी रखने वाले प्रताड़ित करने लगे और जैसे-तैसे बूंदी आई तो फिर से परिजनों ने मुंबई भेज दिया। पीड़िता ने बताया कि परिजनों ने इसका कारण गरीबी होना बताया था।

... तो कर लेते दोनों शादी
मुबई में गीता को जिले की एक कॉलोनी के युवक के साथ प्रेम हुआ। चार साल पहले दोनों विवाह कर लेते थे, लेकिन परिजनों के कर्ज उतारने के लिए पीड़िता ने विवाह नहीं किया। दोनों में मुलाकात होने के बाद युवक मुंबई आता-जाता रहा। तीन माह से दोनों इधर उधर छीपे रहे है। पीड़िता का बेटा परिजनों के साथ था,परिजन पीड़िता को फोन कर रहे थे,लेकिन इस दलदल में धकेले जाने के डर से वह नहीं आई। बीते 15 साल में पीड़िता ने 40 से 50 लाख रुपए परिजनों को दे दिए।

छोटी बहन को बचाया, कराई शादी
गीता नौ बाई बहन में सातवें नंबर की थी। परिजनों ने सभी की शादी करा दी। इसका नंबर आया तो परिवार कर्ज तले दबे होने के चलते विवाह नहीं कराने का हवाला दिया। छोटी बहन को इस दलदल में धकेलने की तैयारी थी, लेकिन गीता ने अपने साहस के चलते ऐसा नहीं होने दिया और परिजनों को धमकाया और बाद में उसकी शादी सवाईमाधोपुर में करवाई।

बूंदी की 30 से 40 युवतियां अभी इस दलदल में
पीड़िता ने बताया कि मुंबई में ही बूंदी जिले की करीब 30 से 40 युवतियां है,जो इस दलदल में फंसी हुई है। हालांकि पूर्व में कई तो भाग छूटी तो किसी ने नया जीवन बसा लिया।बूंदी ही नहीं राजस्थान के अन्य जिलों की लड़किया भी इस दलदल में है।

- कंजर समाज में व्याप्त कुप्रथा के चलते बालिकाएं देह शोषण से बाहर आना चाहती है। यह एक अच्छी सोच है कि युवतियां देह व्यापार से निकलकर समाज की मुख्य धारा में आ रही है। समाज के सभी वर्ग मिलकर इसमें सहयोग करेंगे। प्रशासन और पुलिस इनके साथ खड़ी है। दोनों शादी करना चाहते है। 3 फरवरी को विवाह करवाया जाएगा। पीड़िता के बेटे को दस्तयाब कर उसकी मां को सुुपुर्द कर दिया है।
- सीमा पोद्दार,अध्यक्ष,बाल कल्याण समिति, बूंदी

  • युवती देह व्यापार के दलदल से निकलना चाहती है। पीड़िता को पूरी तरह से सुरक्षा दी जाएगी। सामाजिक कुरूतियों को खत्म करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे’।
    - जय यादव, पुलिस अधीक्षक, बूंदी

The painful story of a sex worker who reached Mumbai from Rajasthan: Mother and brother pushed her into the quagmire of prostitution.

At the age of 12, her family members pushed her into prostitution. Now when she was ready to settle down, the family members stood like a wall. The girl has also chosen her life partner and she wants to free herself from the trap of prostitution and build a new life. However, the victim has a 5 year old son. The victim has appealed to the police administration for protection and demanded strict action against the two brothers, elder sister-in-law and mother.

don't want to do prostitution
Geeta (name changed), resident of a village in Bundi district, told that in 2014, when she was 12 years old, her family members mortgaged her to Gwalior for two and a half years for eight lakh rupees. After studying there for three years, he was sold into the quagmire of prostitution in Mumbai. Since then she is in the quagmire of prostitution. His mother, two brothers and elder sister-in-law have pushed him into this quagmire. Now at the age of 27, Geeta does not want to do this prostitution, but her family is not allowing her to get out of this quagmire. Somehow the victim escaped from the clutches of the brokers and reached Bundi.

Marriage will take place on 3rd February
She decided to settle down with a young man living in a colony in Bundi, but the victim is afraid of her family members. According to the victim, she has decided to fight this evil and live a peaceful life. Geeta will get married as per Hindu rituals on 3rd February in Ramnagar. Many social organizations, public representatives and administrative and police department officials will witness this marriage. Many social organizations including many Abhivyakti Parishads will present household items as gifts to the newlywed couple to settle down.

then started harassing
Geeta told that after the completion of the mortgage period, she wanted to come back, but the mortgage lenders started harassing her and as soon as she came to Bundi, her family members again sent her back to Mumbai. The victim told that the family members had said poverty was the reason for this.

...then both of them would get married
In Mumbai, Geeta fell in love with a young man from a colony in the district. Both of them got married four years ago, but the victim did not marry to pay off the debts of her family. After the meeting between the two, the young man kept coming and going to Mumbai. Both of them have been hiding here and there for three months. The victim's son was with the family members, the family members were calling the victim, but she did not come due to fear of being pushed into this swamp. In the last 15 years, the victim gave Rs 40 to 50 lakh to her family.

Saved younger sister, got her married
Geeta was the seventh among nine sisters. The family members got everyone married. When his call came up, he cited the reason for not getting the marriage done because the family was under debt. There were preparations to push the younger sister into this quagmire, but Geeta, due to her courage, did not allow this to happen and threatened the family members and later got her married in Sawaimadhopur.

30 to 40 girls of Bundi are still in this swamp.
The victim told that there are about 30 to 40 girls from Bundi district in Mumbai who are trapped in this swamp. Although in the past, many ran away and some settled a new life. Not only Bundi, girls from other districts of Rajasthan are also in this quagmire.

- Due to the evil practice prevalent in Kanjar society, girls want to come out of body exploitation. It is a good thought that girls are coming out of prostitution and coming into the mainstream of society. All sections of the society will cooperate together in this. The administration and police are standing with them. Both want to get married. The marriage will take place on 3rd February. The victim's son has been arrested and handed over to his mother.
- Seema Poddar, President, Child Welfare Committee, Bundi

The girl wants to get out of the quagmire of prostitution. The victim will be given complete protection. Efforts to eliminate social evils will continue.
- Jai Yadav, Superintendent of Police, Bundi

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