यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिला जज ने लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार, दूसरों को न्याय देने वाली खुद ही महफूज नहीं ......

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यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिला जज ने लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार, दूसरों को न्याय देने वाली खुद ही महफूज नहीं ......
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यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिला जज ने लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार, दूसरों को न्याय देने वाली खुद ही महफूज नहीं ......

कभी राह चलते हुए किसी मनचले की बुरी नजर से घबराई हुई, तो कभी घर में अपनों की ही नीयत का शिकार होती हुई हमारे देश की महिलाएं आखिर क्यों आजाद भारत में आज भी बेड़ियों में जकड़ी हुई हैं? न जाने कितनी ऐसी बेटियां हैं जो घर से बाहर अपनी अलग पहचान बनाने निकलती हैं, लेकिन कभी रास्ते में किसी की बुरी सोच, तो कभी वर्कप्लेस पर अपने सीनियर्स या कलीग्स की बुरी प्रवृत्ति के बीच खुद को बंधा हुआ महसूस करती हैं। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया और एक यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिला जज ने अपनी ही इच्छा मृत्यु की मांग कर दी।

वास्तव में ऐसी घटना सुनकर ही दिल दहल जाता है कि दूसरों को न्याय देने वाली ही वर्कप्लेस पर सुरक्षित नहीं है। दरअसल उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक महिला सिविल जज ने अपने एक सीनियर पर इस बात का आरोप लगाया है कि पिछले लगभग डेढ़ साल से उनके साथ यौन उत्पीड़न किया जा रहा है और वो अब इतनी परेशान हैं की अपनी जिंदगी ख़त्म करना चाहती हैं। आइए जानें पूरी खबर-

महिला जज ने क्यों मांगी इच्छा मृत्यु
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश की एक महिला जज ने छह महीने पहले अपनी पिछली पोस्टिंग में अपने सीनियर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक खुला पत्र लिखा है।

इस पत्र में उसने अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति मांगी है और कहा है कि उन्हें निष्पक्ष जांच मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, न्याय तो दूर की बात है। यह बात तब उस दिन सामने आई जब महिला जज का CJI को लिखा पत्र सामने आया। महिला जज ने CJI से बाराबंकी में अपनी पोस्टिंग के दौरान खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के बाद अपना जीवन समाप्त करने की अनुमति मांगी है।

महिला जज ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को लिखा खुला पत्र
उत्तर प्रदेश की महिला जज ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया माननीय न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय वाई चंद्रचूड़ को एक खुला पत्र लिखा है। लगभग दो पन्नों के इस पात्र में महिला ने लिखा है कि " मैं बहुत उत्साह और विश्वास के साथ न्यायिक सेवा में शामिल हुई कि मैं आम लोगों को न्याय दिलाऊंगी। मुझे क्या पता था कि मैं जिस भी दरवाजे पर जाऊंगी, जल्द ही मुझे खुद ही न्याय की भीख मांगनी पड़ेगी। "

महिला जज ने बताया कि उनके अब तक के कार्यकाल में कई बार उन्हें अपने सीनियर के यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है और अब वो इतनी परेशान हो चुकी हैं कि अपना जीवन समाप्त करना चाहती हैं। महिला ने पत्र में लिखा है कि “मेरा यौन उत्पीड़न हद दर्जे तक किया गया है। मेरे साथ बिल्कुल कूड़े जैसा व्यवहार किया गया है।' उनका ये पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

 

The female judge suffering from sexual harassment pleaded for euthanasia, the one who gives justice to others is not safe herself...

Sometimes frightened by the evil eye of some miscreant while walking on the road, and sometimes becoming a victim of the intentions of her own people at home, why are the women of our country still shackled in independent India? Who knows how many such daughters go out of the house to create their own identity, but sometimes they feel trapped by someone's bad thoughts on the way, and sometimes by the bad tendencies of their seniors or colleagues at the workplace. A similar case came to light and a female judge, who was suffering from sexual harassment, demanded her own death.

In fact, it is heart breaking to hear such an incident that the one who gives justice to others is not safe at the workplace. In fact, a woman civil judge from Banda district of Uttar Pradesh has accused one of her seniors of sexually harassing her for the last one and a half years and she is now so upset that she wants to end her life. Let's know the complete news-

Why did the female judge ask for euthanasia?
According to media reports, a woman judge from Uttar Pradesh has written an open letter to the Chief Justice of India, accusing her senior of sexual harassment in her previous posting six months ago.

In this letter he has sought permission to end his life and has said that he has no hope of getting a fair investigation, leave alone justice. This came to light on the day when the letter written by the woman judge to the CJI came to light. The woman judge has sought permission from the CJI to end her life after the ill-treatment and harassment she faced during her posting in Barabanki.

Female judge wrote an open letter to the Chief Justice of India
A woman judge from Uttar Pradesh has written an open letter to the Chief Justice of India, Honorable Justice Dr. Dhananjay Y Chandrachud. In this character of about two pages, the woman has written that "I joined the judicial service with great enthusiasm and confidence that I would provide justice to the common people. Little did I know that whatever door I would go to, I would soon find myself You will have to beg for justice."

The lady judge told that during her tenure so far, she has been a victim of sexual harassment by her senior many times and now she is so upset that she wants to end her life. The woman has written in the letter that “I have been sexually harassed to an extreme extent. I have been treated like absolute garbage. His letter has gone viral on social media.

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