पहला समलैंगिक विवाह आज: शाही अंदाज में गोपनीयता के साथ हो रही है शादी

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 पहला समलैंगिक विवाह आज: शाही अंदाज में गोपनीयता के साथ हो रही है शादी
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 पहला समलैंगिक विवाह आज: शाही अंदाज में गोपनीयता के साथ हो रही है शादी

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से इंकार कर दिया हो परन्तु सूबे की पहला समलैंगिक विवाह आज होगा। विवाह को गुप्त तरीके से आयोजित किया गया है। विवाह के कार्ड भी वेबसाइट के जरिए वितरित किए गये है। जानकारी के अनुसार झीलों की नगरी उदयपुर शाही शादियों और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है. 

लेकिन अब उदयपुर एक अनूठी शादी का गवाह बनने जा रहा है. इस बार ये वेडिंग समलैंगिक जोड़ों के बीच है. समलैंगिक जोड़ों के बीच देवउठनी ग्यारस पर लग्जरी होटल जस्ता राजपुताना रिसोर्ट में शाही अंदाज में ये शादी की रस्में शुरू हुई हैं. गुरुवार को मेहंदी, संगीत और अंगूठी की रस्में हुईं. वहीं आज शादी होनी है. 

शादी को रखा गया बेहद गोपनीय
समलैंगिक विवाह करने वाला यह जोड़ा अमेरिका में एक साथ नौकरी करता है. इनमें से एक युवक एनआरआई है और दूसरा युवक अमेरिकी नागरिक है. इन दोनों युवकों ने जीवनभर साथ रहकर जीवन यापन करने का फैसला किया है. इस शादी को बेहद गोपनीय रखा गया है. शादी के कार्ड वेबसाइट के जरिए भेजे गए हैं. इस अनूठी शादी में देश-विदेश से 100 से अधिक मेहमानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. 

हिंदू विवाह की परंपराओं से निमंत्रण 
शादी के इस निमंत्रण कार्ड में हिंदू विवाह की परंपराओं के बारे में जानकारी देते हुए निमंत्रण भेजा गया है. निमंत्रण कार्ड पर अन्य शादियों के जैसे ही भगवान गणेश जी के मंत्र भी हैं. समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता नहीं है. लेकिन अगर कोई साथ रहना चाहता है तो सरकार उन्हें सुरक्षा देगी. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने ये बात कही है. समलैंगिक विवाह को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई थी. 

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी है इजाजत
इस मामले में याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में समलैंगिक विवाह को कानूनी तौर पर मान्यता देने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि कानून बनाने का काम संसद और विधानसभाओं का है. न्यायालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि समलैंगिक व्यक्तियों को अपना साथी चुनने का अधिकार है. भारत में, इस प्रकार के विवाह को कानून के साथ-साथ समाज द्वारा भी मान्यत नहीं दी जाती है.

First gay marriage today: Marriage is taking place in royal style with secrecy

The Supreme Court may have refused to recognize gay marriage, but the state's first gay marriage will take place today. The marriage has been conducted in secret. Wedding cards have also been distributed through the website. According to the information, Udaipur, the city of lakes, is famous in the country and abroad for royal weddings and destination weddings.

But now Udaipur is going to witness a unique wedding. This time this wedding is between gay couples. These wedding rituals have started in royal style among gay couples at the luxury hotel Jasta Rajputana Resort on Devuthani Gyaras. Mehendi, sangeet and ring ceremonies took place on Thursday. The wedding is to take place there today.

The marriage was kept very secret
This gay married couple works together in America. One of these youths is an NRI and the other youth is an American citizen. These two young men have decided to live together for the rest of their lives. This marriage has been kept very secret. Wedding cards have been sent through the website. More than 100 guests from India and abroad are expected to attend this unique wedding.

Hindu wedding invitations traditions
In this wedding invitation card, invitations have been sent giving information about Hindu wedding traditions. Like other weddings, there are mantras of Lord Ganesha on the invitation card. Gay marriage is not legally recognized. But if someone wants to live together, the government will provide them security. Recently the Supreme Court has said this. There was a debate in the country regarding gay marriage.

Supreme Court has not given permission
In this case, on the petition, the Supreme Court in its decision had refused to legally recognize gay marriage. The Supreme Court had said in its decision that the job of making laws lies with the Parliament and the Legislative Assemblies. The Court also emphasized that homosexual persons have the right to choose their partner. In India, this type of marriage is not recognized by law as well as society.

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