सोमवती अमावस्या आज, दान-पुण्य का मिलता है 100 गुना फल

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सोमवती अमावस्या आज, दान-पुण्य का मिलता है 100 गुना फल
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सोमवती अमावस्या आज, दान-पुण्य का मिलता है 100 गुना फल

साल 2023 में कार्तिक मास की अमावस्या तिथि सोमवार को होगी. सोमवार को होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहते हैं. 2 दिनों तक अमावस्या पड़ने के कारण दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला पर्व गोवर्धन पूजा पिछले साल की तरह एक बार फिर तीसरे दिन मनाई जाएगी.

बीकानेर. सनातन धर्म-शास्त्रों में सोमवती अमावस्या का बहुत महत्व बतलाया गया है. इस बार अमावस्या तिथि दो दिन पड़ रही है. ऐसे में दिवाली के अगले दिन यानि सोमवार को स्नानदान अमावस्या होगी और 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा. दरअसल, अमावस्या रविवार को दोपहर से ही शुरू हो गई लेकिन सोमवार को उदयातिथि के अनुसार अमावस्या है, जिसके चलते गोवर्धन पूजा भी मंगलवार को आयोजित होगी. शास्त्रों के अनुसार रात्रि काल में अमावस्या तिथि होने के कारण रविवार को दीपावली का पर्व मनाया गया.

तीर्थ स्नान दान-पुण्य का महत्व : 13 नवंबर को सोमवती अमावस्या का संयोग रहेगा. इस दिन तीर्थस्थलों व पवित्र नदियों में स्नान और पूजा-पाठ का महत्व शास्त्रों में बतलाया गया है. शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य का 100 गुना फल मिलता है. गोशालाओं में गायों को हरा चारा खिलाना, गरीब और नि:शक्तजनों को भोजन और दान करना श्रेष्ठ बतलाया गया है. पितरों के निमित्त प्रसाद भोग का अर्पण भी इस अमावस्या में श्रेष्ठ बतलाया गया है.

लगातार दूसरे साल 6 दिन का दीपोत्सव : पिछले साल भी छह दिन का दीपोत्सव था. पिछले साल दीपावली के अगले दिन सूर्यग्रहण था. इसके चलते एक दिन बाद गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया गया था. इस बार भी 2 दिन अमावस्या तिथि होने के चलते 12 नवंबर को दीपावली और 14 नवम्बर को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा.

 

Somvati Amavasya today, charity gives 100 times the results

Somvati Amavasya 2023 Diwali Puja, Amavasya date of Kartik month in the year 2023 will be on Monday. Because it falls on Monday, it is called Somvati Amavasya. Due to Amavasya falling for 2 days, Govardhan Puja, the festival celebrated on the next day of Diwali, will once again be celebrated on the third day like last year.

Bikaner. The great importance of Somvati Amavasya has been explained in Sanatan Dharma-shastras. This time Amavasya Tithi is falling for two days. In such a situation, Snanadan Amavasya will be celebrated on the next day of Diwali i.e. Monday and the festival of Govardhan Puja will be celebrated on 14th November. Actually, Amavasya started from noon on Sunday but as per Udayatithi, there is Amavasya on Monday, due to which Govardhan Puja will also be organized on Tuesday. According to the scriptures, the festival of Diwali was celebrated on Sunday due to Amavasya Tithi being in the night.

Importance of pilgrimage, bathing and charity: There will be a coincidence of Somvati Amavasya on 13th November. The importance of bathing and worshiping in pilgrimage places and holy rivers on this day has been explained in the scriptures. It is mentioned in the scriptures that charity done on this day gives 100 times the results. Feeding green fodder to cows in cow sheds, giving food and donations to poor and disabled people has been said to be the best. Offering Prasad for the ancestors is also said to be best in this Amavasya.

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