भारत सरकार (Govt of India) ने 21 जून से लागू होने वाले राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम (National COVID Vaccination Program) के लिए मंगलवार को संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, वैक्सीन की खुराक का राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में आवंटन का आधार, क्षेत्र की आबादी, संक्रमण के आंकड़े और वैक्सीनेशन के आंकड़ों को देखते हुए किया जाएगा। साथ ही वैक्सीन के खुराक की कीमत प्राइवेट अस्पतालों के लिए प्रत्येक वैक्सीन निर्माता कंपनियों की ओर से तय किया जाएगा। वैक्सीन की बर्बादी का आवंटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

नए गाइडलाइंस के अनुसार

– प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन की कीमत मैन्युफैक्चरर कंपनियां तय करेंगी और किसी तरह का बदलाव किए जाने पर पहले ही जानकारी दे दी जाएगी। प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन की एक खुराक पर सर्विस चार्ज अधिकतम 150 रुपये तक हो सकती है।

– जो लोग वैक्सीन के लिए कीमत का भुगतान करने में सक्षम हैं उन्हें प्राइवेट वैक्सीनेशन केंद्रों में जाकर खुराक लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

– वैक्सीनेशन में प्राथमिकता का आधार बताया गया है। सबसे पहले हेल्थकेयर वर्करों को खुराक दी जाएगी। इसके बाद क्रमवार तरीके से पहले फ्रंटलाइन वर्कर फिर 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोग, वैसे लोग जिनकी दूसरी खुराक अभी बाकी है इसके बाद 18 व इससे अधिक आयुवर्ग का वैक्सीनेशन किया जाएगा।

– भारत सरकार देश में मैन्युफैक्चरर्स से 75 फीसद डोज खरीदेगी और राष्ट्रीय वैक्सीनेशन प्रोग्राम के तहत राज्यों को मुफ्त उपलब्ध कराएगी ताकि लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुल विकसित वैक्सीन का 75 फीसद डोज केंद्र खरीदेगी और राज्यों को मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इसपर कोई भी राज्य सरकार कुछ भी खर्च नहीं करेगी।

– CoWIN प्लेटफार्म की ओर से प्रत्येक नागरिक को वैक्सीनेशन की प्रक्रिया सुविधाजनक बनाई जाएगी। इस क्रम में वैक्सीनेशन के लिए प्री-बुकिंग आसान और सुरक्षित होगी।

देश में 16 जनवरी से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया। अब तक कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 23,61,98,726 हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 33,64,476 वैक्सीन लगाई गईं।

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