Home बीकानेर एसकेआरएयूः एकेडमिक काउंसिल की 55वीं बैठक आयोजित

एसकेआरएयूः एकेडमिक काउंसिल की 55वीं बैठक आयोजित

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बीकानेर, 8 फरवरी। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की 55वीं बैठक सोमवार को कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह की अध्यक्षता में वर्चुअल प्लेटफाॅर्म पर आयोजित हुई। इस दौरान नेशनल एकेडमी आॅफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, नई दिल्ली (नास) के उपाध्यक्ष डाॅ. ए. के. सिंह और पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. ए. के. गहलोत सहित विद्या परिषद के सदस्य आॅनलाइन माध्यम पर मौजूद रहे।

इस दौरान गत वर्ष 27 जून को आयोजित विद्या परिषद की 54वीं बैठक के एजेंडा तथा कार्यवृत्त, अधिष्ठाता स्नोतकोत्तर शिक्षा तथा वित्त नियंत्रक द्वारा जारी विभिन्न आदेशों की पुष्टि की गई। इसके साथ ही कृषि महाविद्यालय, गृह विज्ञान महाविद्यालय तथा कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान की बोर्ड आॅफ स्टडीज की बैठकों की प्रोसेंडिग का अनुमोदन किया गया।

कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के उच्च गुणवत्ता के अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय द्वारा नास रेटेड जर्नल्स में आलेख प्रकाशित होने पर विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। इसमें 7 या 7 से अधिक नास रैंकिंग वाले जर्नल्स में प्रकाशन पर पांच हजार रुपये तथा 10 या 10 से अधिक रैंकिंग वाले जर्नल्स में 10 हजार रुपये प्रोत्साहन स्वरूप दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे कृषि वैज्ञानिकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होगी तथा नास रेटेड जर्नल्स में प्रकाशन, रैंकिंग वृद्धि में भी सहायक होंगे।

इस दौरान कुलपति ने बताया कि कोरोना की विषम परिस्थितियों के कारण लगातार दूसरी बार एकेडमिक काउंसिल की बैठक वर्चुअल मोड पर आयोजित की गई है। उन्होने कोरोना काल में किए गए नवाचारों के बारे में बताया तथा कहा कि इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा 30 वेबिनार, प्रदेश का पहला वर्चुअल दीक्षांत समारोह और वर्चुअल किसान मेला आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कृषि और कृषक कल्याण विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा संस्थान इसके लिए सतत प्रयासरत हैं। बैठक के दौरान एकेडमिक कॉउन्सिल द्वारा श्रीगंगानगर में नया कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान खोलने, श्रीगंगानगर कृषि महाविद्यालय की सीटें बढाने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्य करने के प्रस्ताव की पुष्टि भी की गई।

नास के उपाध्यक्ष डाॅ. ए. के. सिंह ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समन्वय समिति गठित की जाए तथा इनकी नियमित बैठकें हों। उन्होंने रैंकिंग में और अधिक सुधार तथा उच्च स्तरीय संस्थानों के साथ नए एमओयू करने की बात कही।
डॉ. ए के गहलोत ने स्किल आधारित पाठ्यक्रमों को और अधिक बढ़ावा देने का सुझाव दिया। इस दौरान कुलसचिव कपूर शंकर मान, वित्त नियंत्रक, कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता डाॅ. आई. पी. सिंह, गृह विज्ञान अधिष्ठाता डाॅ. विमला डुंकवाल आदि मौजूद रहे। कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान निदेशक डाॅ. मधु शर्मा ने आभार जताया। बैठक का संचालन इंजी. विपिन लढ्ढा ने किया।

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