सरहदी बाड़मेर जिले में राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री के आमजन को कॉविड-19 से बचाने के जज्बे ने 24 घंटे में रण के इलाके में एक अस्पताल को खड़ा कर दिया. सैकड़ो लोगों और भामाशाहों के सहयोग से कोविड-19 के मरीजों के लिए अस्थाई अस्पताल का रिकॉर्ड समय में निर्माण हुआ. अब यहां कोविड के मरीजों का इलाज सुलभ होगा. देश भर की तरह सरहदी बाड़मेर जिले में अचानक बढ़े कोविड 19 के मरीजों के चलते जिला अस्पताल और बालोतरा उपखंड के नाहटा अस्पताल में हाउसफुल हुए बेड के हालातों को देखते हुए राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने पचपदरा के सांभरा में 24 घण्टों में कोविड 19 अस्थाई अस्पताल बना डाला. लोगों के सहयोग और भामाशाहों के साथ से बंक हाउस में बनाया गया यह अनूठा अस्पताल अब कोविड के मरीजो के लिए जीवन देने वाला साबित होगा.

यहां चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल विश्नोई ने डॉ हितेंद्र सिंह, डॉ मुकेश राजपुरोहित के निर्देशन में चिकित्सा कर्मियों को तैनात किया है , यह 24 घंटे सेवाएं देंगे. किसी जनप्रतिनिधि द्वारा महज 24 घण्टे में कोविड अस्पताल का निर्माण अपने आप मे किसी रिकॉर्ड से कम नही है. आज आपदा के हालातों में इसी तरह के प्रयास जनता की जान बचाने में महती भूमिका अदा करेगा.

हो सकेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड को अस्पताल के निर्माण के लिए राजस्व मंत्री के प्रयासों से पचपदरा तहसील के ग्राम सांभरा में 15 एकड़ भूमि निशुल्क आवंटित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. गहलोत की इस मंजूरी से रिफाइनरी क्षेत्र में कार्य करने वाले कार्मिकों एवं क्षेत्रीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.

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