कोरोना महामारी से बचाव के लिए एकमात्र साधन वैक्सीन के स्लॉट की बुकिंग जारी है। लेकिन देश की जनसंख्या और महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बुकिंग के लिए प्लेटफार्म की कमी पड़ रही है। हालांकि दर्जनों कंपनियां अपने प्लेटफार्म पर ये सुविधा देने को आगे आई हैं और इसके लिए मंजूरी चाहती हैं। इनमें बड़ी डिजिटल कंपनियां पेटीएम (Paytm) और मेक माई ट्रिप (MakeMyTrip) भी शामिल हैं। यह जानकारी कोविन ( CoWIN) प्रमुख आरएस शर्मा (RS Sharma) ने दी।

सरकार ने पिछले माह नई गाइडलाइन जारी की थी। इसमें कोविन को थर्ड पार्टी के साथ हाथ मिलाने को लेकर निर्देश दिए गए थे ताकि वैक्सीन बुकिंग करने वाले ऐसे एप का काम आसान हो सके। पेटीएम, मेक माई ट्रिप और इंफोसिस समेत करीब 15 कंपनियां ऐसी हैं जो ऑनलाइन वैक्सीन स्लॉट की बुकिंग के लिए अपना प्लेटफार्म देने को तैयार हैं, बस इन्हें आधिकारिक मंजूरी की दरकार है।

सफर के वक्त भी होगी सुविधा

मेक माई ट्रिप ग्रुप के सीईओ राजेश मागो (Rajesh Magow) ने कहा कि हजारों लोग मेक माई ट्रिप एप का इस्तेमाल करते हैं, हम लोगों की मदद के लिए अपने प्लेटफार्म के जरिए वैक्सीन की बुकिंग की सुविधा देना चाहते हैं और इसके लिए API (Application Programing Interface) इंटीग्रेशन चाहते हैं।’ उन्होंने आगे बताया कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को डाउनलोड करने के लिए भी इंटिग्रेशन को खोला जाएगा जो यात्रा प्रतिबंध हटने के बाद एक जगह पर सभी आवश्यक कागजात मिल सकेंगे।’ इस मामले में पेटीएम और इंफोसिस की ओर से किसी तरह का बयान नहीं आया है।

रातों रात पॉपुलर हो गए Under45 और GetJab

कोरोना महामारी से बचाव के लिए भारत में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक देश में 24.2 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। पिछले कुछ महीनों में फेसबुक और गूगल जैसे दिग्गज प्लेटफार्मों की ओर से ‘HealthifyMe’ जैसे स्टार्टअप पर कुछ नए टूल्स लाए गए हैं। इससे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुक करने में आसानी होगी। Under45 और GetJab रातों रात पॉपुलर हो गए क्योंकि वैक्सीन स्लॉट खुलने पर बुकिंग को लेकर यूजर्स को अलर्ट भेजने के बाद उन्हें कोविन प्लेटफार्म पर बुकिंग कंफर्म करने का निर्देश देते हैं।

16 जनवरी से शुरू हुआ वैक्सीनेशन

देश में 16 जनवरी से शुरू किए गए वैक्सीनेशन अभियान को चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 60 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को वैक्सीन की खुराक दी गई। इसके बाद 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। फिलहाल 18 से 44 साल के लोगों को यह सुविधा दी जा रही है। इस दौरान कई बाधाएं भी आई जैसे कोविन प्लेटफार्म पर तकनीकी मुश्किलें, वैक्सीन की किल्लत आदि। बुधवार को सरकार ने नया अपडेट जारी किया जिसमें आवेदक अपने कोविन वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर नाम, जन्मतिथि या किसी अन्य गलतियों में सुधार कर सकता है।

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