मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पर कंट्रोल के उपायों पर लाइव मंथन चल रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, अभी लॉकडाउन को प्रभावी बनाने का काम करना होगा। कोरोना रोकने का लॉकडाउन ही रामबाण है। कोरोना रोकने में पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों का बड़ा योगदान है। मैं खुद पॉजिटिव आने के बाद दो दिन उदास रहा लेकिन अब कोई दिक्कत नहीं है। वहीं इससे पहले सीएम अशोक गहलोत ने कहा-जब तक कोरोना की चेन नहीं टूटेगी, तब तक हम कितनी ही VC कर लें, कोई फायदा नहीं होने वाला। पिछली बार गांव वालों ने पहरे दिए थे। क्वारैंटाइन व्यक्ति बाहर न निकलें। इस बार तो कोरोना गांव तक पहुंच चुका है, गांव के लोग सतर्क रहें।

नेता प्रतिपक्ष कटारिया बोले- वाहन बंद करने से ग्रामीण इलाकों में मरीज को अस्पताल ले जाने में दिक्क्त होगी

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा, अभी वाहन बंद कर दिए, अब मरीज को अस्पताल ले जाने में दिक्कत होगी। एंबुलेंस की संख्या कम है, इसलिए यह संख्या दूर दराज के क्षेत्रों में बढ़ाई जाए। गांवों में आज भी मास्क लगाने की परिपाटी नहीं है। गांवों में कोरोना ज्यादा फैल रहा है। कटारिया ने कहा, यह किसी पार्टी, जाति की बीमारी नहीं है, हम मरीज को सही जगह पहुंचाएं। बाहर से आने वालों को सख्ती से क्वारैन्टाइन किया जाए।

उपनेता प्रतिपक्ष बोले-कोरोना से लड़ाई में हम CM के साथ खड़े हैं
उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ बोले- कोरोना से लड़ाई में हम मजबूती से सीएम के साथ खड़े हैं। हम आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करते हैं, करते रहेंगे। लेकिन कोरोना से जंग में हम मुख्यमंत्री और सरकार के साथ खड़े हैं। इस वक्त पंच और सरपंचों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पंच सरपंच गांवों में कोविड प्रोटोकॉल की पालना करवाएं।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया बोले-सबको मिलकर कोरोना से लड़ाई लड़नी है और राजस्थान जीतेगा

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा-कोरोना के खिलाफ हम सबको मिलकर लड़ाई लड़नी है। इस लड़ाई में हम सरकार के साथ हैं। लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। सावधानी बरतें। हम सब डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी, पुलिस सहित कोरोना वॉरियर का सम्मान करें। हम मिलकर लड़ेंगे, कोरोना हारेगा और राजस्थान जीतेगा।

डीजीपी बोले- कोरोना को गांव वाले समस्या मान ही नहीं रहे, जनप्रतिनिधि ही उन्हें समझा सकते हैं

डीजीपी एमएल लाठर ने कहा- कोरोना को लेकर गांवों में गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। समस्या का समाधान तभी हो सकता है, जब समस्या को स्वीकार करें। हमें बीमारी को गंभीरता से लेना है। गांव के जनप्रतिनिधि ही लोगों को समझा सकते हैं। कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर अपनाकर ही बचा जा सकता हैं। गांव में नो मास्क् नो मूवमेंट का पालन कराना है। लॉकडाउन में तो घर से निकलना ही नहीं है। गांवों में जनप्रतिनिधि अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके शादियां टलवाने का प्रयास करें। जिंदा रहेंगे तो सब कर लेंगे।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव बोलेयही रफ्तार रहा तो 26 दिन बाद दोगुना हो जाएंगे एक्टिव केस

स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने प्रेजेंटेशन में बताया कि राजस्थान में कोरोना के केस इसी रफ्तार से बढ़ते रहे तो 26 दिन बाद एक्टिव मरीज दोगुने हो जाएंगे। गांवों में 1.3 करोड़ घरों का सर्वे किया है। 6 लाख लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले हैं। अभी 2 लाख एक्टिव केस हैं, 26 दिन बाद यानी 6 जून के आसपास ही प्रदेश में 4 लाख एक्टिव मरीज हो जाएंगे। इस बार रोज 82 हजार लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। इस बार 72 फीसदी लोग ठीक हुए हैं, 26 फीसदी एक्टिव हैं।

राजस्थान में 8 अप्रैल के बाद तेजी से कोरोना के केस बढ़े हैं। 8 अप्रैल को प्रदेश में 3526 एक्टिव केस थे जो 23 अप्रैल को बढ़कर 15 हजार हो गए। 2 मई को 18 हजार क्रॉस हो गए, पिछले 8—10 दिन से कोराना केस रोज 18 हजार के आसपास आ रहे हैं। कुल 371 मैट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई किया गया। राजस्थान में स्वास्थ्य सचिव ने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की खपत लगतार बढ़ रही है। कुल 371 टन ऑक्सीजन प्रदेश में उपलब्ध करवाई गई।

सरकारी मुख्य सचेतक ने कहा– केवल बयान देने से राजस्थान का भला नहीं होगा
सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा-हम सब दलों के लोग एक होकर कोरोना से लड़ें और यह एकजुटता दिखनी भी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष केवल बयान देने से राजस्थान की जनता का भला नहीं होगा। आप राजस्थान की आवाज बनें, राजस्थान की समस्या उठाएं तभी इस संकट से निकाल पाएंगे। सीएम ने कभी कोई भेदभाव नहीं किया, इसलिए आपकी तारीफ करता हूं। कोरेाना से लड़ाई हमें सामाजिक स्तर पर लड़नी होगी।

पंचायत राज विभाग की सचिव ​​​​​​​ने कहा- अनटाइड फंड का पैसा कोविड मैनेजमेंट में काम ले सकेंगी पंचायतें

पंचायत राज विभाग की सचिव मंजू राजपाल ने बताया कि 15 वें वित्त आयोग के 1931 करोड़ रुपए प्रदेश की 11 हजार से ज्यादा पंचायतों को रिलीज किए हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भी केंद्र ने पंचायतों को अनटाइड फंड का पैसा जून की जगह अभी दे दिया है, जिसे रिलीज किया जा रहा है। पंचायतों के पास पहले भी अनटाइड फंड का पैसा है। पंचायतें अनटाइड फंड का पैसा कोविड मैनेजमेंट में काम ले सकेंगी।

रोजाना 8 से 10 हजार मेडिकल किट बांटे जा रहे

प्रजेंटेशन में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें घरों पर आइसोलेट करके मेडिकल किट दिए गए हैं। अब ​तक 5.85 लाख लोगों को मेडिकल किट बांटे गए हैं। रोजाना 8 से 10 हजार मेडिकल किट बांटे जा रहे हैं।

गांवों में मोबाइल ओपीडी वैन से मिलेगी जांच और दवा की सुविधाएं

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि गांवों में कोरोना स्क्रीनिंग और सर्वे के लिए टीमें बनाई गई हैं। गांवों में लोग बाहर नहीं निकलें, इसलिए मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए जांच और दवा की सुविधाएं दी जाएंगी।हर उपखंड पर कोविड केयर सेंटर बनाया है। पीएचसी स्तर पर कोविड केयर की सुविधाएं रहेंगी। सीएचसी स्तर पर कोविड केयर सेंटर पर एंबुलेंस की सुविधा रहेगी।

गांवों में कोरोना कंट्रोल के लिए सख्ती बढ़ाने पर विचार
कोरोना की पिछली लहर में गांवों में इसका असर न के बराबर था। इस बार गांवों में कारेाना लगातार फैलता जा रहा है। गांवों में कोरोना की टेस्टिंग भी उतनी नहीं है और मरीज आखिरी स्टेज पर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से मौतें बढ़ रही हैंं। आज की वीसी में गांवों में भी सख्ती बढ़ाने को लेकर चर्चा होगी। इसके लिए ग्रासरूट स्तर पर संवाद का फैसला किया गया है।

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