रो-रोकर कमाएंगे लाखों रुपए, फूट-फूटकर रोने से होगी 1,50,000 तक कमाई, राजस्थान में शुरू हुआ नया स्टार्टअप 'अंतिम सत्य

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रो-रोकर कमाएंगे लाखों रुपए, फूट-फूटकर रोने से होगी 1,50,000 तक कमाई, राजस्थान में शुरू हुआ नया स्टार्टअप 'अंतिम सत्य
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रो-रोकर कमाएंगे लाखों रुपए, फूट-फूटकर रोने से होगी 1,50,000 तक कमाई, राजस्थान में शुरू हुआ नया स्टार्टअप 'अंतिम सत्य

राजस्थान के जोधपुर में कुछ लोगों ने मिलकर एक नया स्टार्टअप शुरू किया है। जिसमें महिला और पुरुष को रोने के भी पैसे मिलेंगे। दरअसल, इन लोगों की टीम वहां रोने के लिए भी जाएगी, जहां किसी की मौत हो गई है। मृतक परिवार के आर्डर पर इनके यहां से रोने के लिए महिलाएं और पुरुष भेजे जाएंगे। जो पैसे के अनुसार ही फूट-फूटकर रोएंगे। हैरानी की बात तो यह है कि अब तक तो मृतक के परिजन ही घर में किसी की मौत होने पर रोते थे। लेकिन अब रोने के लिए भी किराये पर लोग मिलने लगे हैं।

जोधपुर में शुरू हुआ स्टार्टअप
राजस्थान का दूसरा बड़ा शहर जोधपुर में एक ऐसा स्टार्टअप खुला है। जिसका नाम "अंतिम सत्य" है, जो काम और उसकी रेट्स तय करता है। आप सही सोच रहे हैं, यह स्टार्टअप मरने वाले लोगों के यहां किए जाने वाले तमाम कामों के लिए स्टाफ और पंडित उपलब्ध कराता है। फिर चाहे रोने का काम हो, पूजा पाठ का काम हो, या शमशान घाट में किसी तरह की सेवा हो। सभी काम के लिए रेट पहले ही फिक्स हैं। बड़ी बात यह है कि इस स्टार्टअप के बाद लोग इससे जुड़ रहे हैं और सेवाएं ले रहे हैं।

अंतिम सत्य के नाम से शुरू संस्था
कंपनी "अंतिम सत्य" के को फाउंडर गजेंद्र पारीक ने बताया कि इन दोनों संयुक्त परिवार टूटे जा रहे हैं। लोग एकल परिवार में जुड़ने जा रहे हैं। संयुक्त परिवार टूटने और बड़े बुजुर्गों का साथ छूट जाने के कारण लोगों को यह पता नहीं है कि अंतिम संस्कार में किस तरह के रीति रिवाज काम में लिए जाते हैं। सनातन धर्म में तो 15 दिन का महत्व होता है, यानी किसी की मृत्यु होने के बाद 15 दिन तक क्या-क्या क्रियाकलाप और परिस्थितियों होती हैं यह आज के युवाओं को पता नहीं है।

टीम में सभी तरह के लोग शामिल
पारीक ने कहा हमारी टीम जिसमें महिला, पुरुष, बुजुर्ग, पंडित सब लोग शामिल हैं, यह लोग घर में किसी के देहांत होने पर पूजा पाठ कराने और अन्य कामों के लिए जाते हैं। कंपनी 12 से 15 दिन तक का फुल पैकेज देती है। जिसमें 20 महिलाएं, लड़कियां 10, पुरुष और लड़के 10, और पंडित और पूजा पाठ करने वाले लोग 10 शामिल होते हैं। यह पैकेज करीब ₹60,000 का होता है। इसके अलावा, 15 दिन का फुल पैकेज जिसमें पूजा पाठ, ब्राह्मण भोज और अन्य तमाम रीति-रिवाज होते हैं। वह करीब ₹1,21,000 से लेकर ₹1,50,000 तक का है।

चर्चा का विषय बना ये स्टार्टअप
सबसे बड़ी बात यह है कि इस कंपनी का यह प्रोजेक्ट लोगों के बीच में चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार क्वेरीज आ रही हैं और वह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस तरह का कोई स्टार्टअप या कंपनी राजस्थान में एकलौती है। यह लोग घर से सब को अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट ले जाने तक का काम भी करते हैं।


   
   
   

You will earn lakhs of rupees by crying, you will earn up to Rs 1,50,000 by crying, new startup started in Rajasthan 'Last Truth'

Some people have together started a new startup in Jodhpur, Rajasthan. In which men and women will also get paid for crying. In fact, the team of these people will even go to cry where someone has died. On the orders of the deceased's family, women and men will be sent from there to cry. Who will cry bitterly according to the money. The surprising thing is that till now only the relatives of the deceased used to cry when someone dies in the house. But now people have started getting rent for crying also.

Startup started in Jodhpur
One such startup has opened in Jodhpur, the second biggest city of Rajasthan. Whose name is "Ultimate Truth", which decides the work and its rates. You are right, this startup provides staff and pundits for all the work done at the place of dying people. Be it the work of crying, the work of worship, or any kind of service in the cremation ground. Rates for all work are already fixed. The big thing is that after this startup, people are joining it and taking services.

organization started in the name of ultimate truth
Gajendra Pareek, co-founder of the company "Antim Satya" said that both these joint families are being broken. People are going to join nuclear families. Due to breakup of joint families and loss of company of elders, people do not know what kind of customs are followed in funeral rites. In Sanatan Dharma, 15 days are important, that is, today's youth do not know what activities and circumstances happen for 15 days after someone's death.

All types of people included in the team
Pareek said that our team, which includes women, men, elders, pundits, all these people conduct puja in case of death of someone in the house.

And go for other work. The company provides full package for 12 to 15 days. Which includes 20 women, 10 girls, 10 men and boys, and 10 pundits and people performing puja. This package costs around ₹ 60,000. Apart from this, there is a full 15 day package which includes puja, Brahmin feast and all other rituals. That ranges from around ₹1,21,000 to ₹1,50,000.

This startup became the topic of discussion
The biggest thing is that this project of this company has become a topic of discussion among the people. Queries are coming continuously and he is providing his services. This kind of startup or company is the only one in Rajasthan. These people also do the work of taking everyone from home to the crematorium for the last rites.

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