दादी बनने की उम्र में मां बनी महिला, 35 साल बाद आईं खुशखबरी, फिर भी दुखी परिवार

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दादी बनने की उम्र में मां बनी महिला, 35 साल बाद आईं खुशखबरी, फिर भी दुखी परिवार

दादी बनने की उम्र में मां बनी महिला, 35 साल बाद आईं खुशखबरी, फिर भी दुखी परिवार

राजस्थान ही नहीं देशभर में निसंतान दंपतियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है । कई प्रयास करने के बावजूद भी कई बार महिलाएं मां नहीं बन पाती , लेकिन अलवर जिले का जो मामला अब सामने आया है वह किसी चमत्कार से काम नहीं है । शादी के 35 साल बाद यानी करीब 55 साल की उम्र , जिस उम्र में दादी या सास बनती है, उसे उम्र में महिला ने सिजेरियन डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया है । बच्चा भी करीब ढाई किलो वजन का है और माता एवं बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं ।

शादी के 35 साल बाद पिता बने रिटायर फौजी
दरअसल अलवर जिले के खेड़ली कस्बे में रहने वाले एलआर मीना पहले फौज में थे। वहां से रिटायर होने के बाद एक सरकारी बैंक में सिक्योरिटी अफसर बने । उनकी शादी 1990 में भरतपुर जिले की रहने वाली रामदेई के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद भी पत्नी मां नहीं बनी तो इलाज शुरू कराया , लेकिन कहीं से भी कोई फायदा नहीं हुआ ।

अस्पताल में खर्च हो गई जिंदगीभर की कमाई
मीणा ने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज में ही सारा पैसा खर्च कर दिया । शर्म के मारे सामाजिक आयोजनों में भी जाना बंद कर दिया ।‌पत्नी कई साल से पीहर नहीं गई। लोग जहां भी मिलते ताने देने से नहीं चूकते थे। ऐसे में 2 साल पहले अलवर जिले की एक महिला डॉक्टर के बारे में सुना था । वह निजी अस्पताल की डॉक्टर थी। उन्होंने 2 साल तक इलाज किया और अब पत्नी ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है।‌

सुसाइड करने की कर ली थी प्लानिंग
मीणा ने कहा कि यह एक सपने जैसा लग रहा है । हमने तो सुसाइड करने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन डॉक्टर ने एक साथ कई जान बचा ली है । यह भगवान से कम नहीं है । उधर निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर यादव का कहना है 2 साल तक लगातार इलाज कराया , परहेज भी रखा और सब चीजों के परिणाम सुखद आए हैं । मां और बच्चा स्वस्थ है।

Woman became mother at the age of becoming grandmother, good news came after 35 years, still unhappy family

The number of childless couples is increasing continuously not only in Rajasthan but all over the country. Despite many efforts, many times women are not able to become mothers, but the case that has come to light now from Alwar district is no less than a miracle. After 35 years of marriage i.e. at the age of about 55 years, at the age at which a woman becomes a grandmother or mother-in-law, the woman has given birth to a child through cesarean delivery. The child also weighs about two and a half kg and the mother and child are completely healthy.

Retired soldier became father after 35 years of marriage

In fact, LR Meena, who lives in Khedli town of Alwar district, was earlier in the army. After retiring from there, he became a security officer in a government bank. He was married to Ramdei, a resident of Bharatpur district, in 1990. Even after some time of marriage, when the wife did not become a mother, he started treatment, but there was no benefit from anywhere.

Lifetime earnings were spent in the hospital

Meena said that he spent all his money on treatment in government and private hospitals. Out of shame, he stopped going to social events. His wife has not visited her parental home for many years. Wherever they met, people never missed taunting him. In such a situation, 2 years ago, he heard about a woman doctor from Alwar district. She was a doctor in a private hospital. He treated his wife for 2 years and now his wife has given birth to a healthy child.

Had planned to commit suicide

Meena said that it seems like a dream. We had started preparing to commit suicide, but the doctor has saved many lives at once. She is no less than God. On the other hand, woman doctor Yadav of a private hospital says that she got continuous treatment for 2 years, also kept abstinence and the results of everything have been good. Mother and child are healthy.