धोरा इंटरनेशनल सोसायटी और कोरिया-इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बीकानेर में तीन दिवसीय कला आयोजन

बीकानेर की हरासर हवेली में 3 से 5 नवंबर तक भारत और दक्षिण कोरिया के 27 कलाकार भाग लेंगे इंटरनेशनल आर्ट सिंपोजियम में। धोरा इंटरनेशनल सोसायटी और कोरिया इंडिया कंटेंपरेरी आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजन।

 0
धोरा इंटरनेशनल सोसायटी और कोरिया-इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बीकानेर में तीन दिवसीय कला आयोजन
.
MYCITYDILSE

बीकानेर में भारत-कोरिया इंटरनेशनल आर्ट सिंपोजियम का आयोजन — 27 कलाकार होंगे शामिल

बीकानेर। बीकानेर की ऐतिहासिक धरोहर हरासर हवेली 3 नवंबर से 5 नवंबर 2025 तक एक विशेष अंतरराष्ट्रीय कला संगोष्ठी की साक्षी बनेगी। इस तीन दिवसीय आयोजन का आयोजन धोरा इंटरनेशनल आर्टिस्ट सोसायटी और कोरिया-इंडिया कंटेंपरेरी आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

धोरा इंटरनेशनल सोसायटी से जुड़ीं श्रीमती भारती शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में भारत और दक्षिण कोरिया के 27 प्रसिद्ध चित्रकार भाग लेंगे। इस इंटरनेशनल सिंपोजियम में कलाकार राजस्थान की स्थापत्य कला, चित्रकला और परंपराओं से रूबरू होंगे और अपनी भावनाओं को केनवास पर सृजनात्मक रूप में उकेरेंगे।

आयोजन का उद्घाटन समारोह 3 नवंबर 2025 को शाम 4 बजे हरासर हवेली, कीर्ति स्तंभ, बीकानेर में होगा। इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ कलाकार, कला प्रेमी, सांस्कृतिक संस्थान और मीडिया जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

भारती शर्मा ने बताया कि यह आयोजन भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक एवं कलात्मक आदान-प्रदान का प्रतीक बनेगा। यह कार्यक्रम न केवल दोनों देशों के कलाकारों को एक मंच पर लाएगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी दिलाएगा।

तीन दिनों तक चलने वाली इस वर्कशॉप के दौरान कलाकार बीकानेर की हवेलियों, स्थापत्य संरचनाओं, रंगों और लोक परंपराओं से प्रेरित कलाकृतियां बनाएंगे। इनके माध्यम से वे राजस्थान की जीवंत संस्कृति और कोरिया की आधुनिक कला शैली का संगम प्रस्तुत करेंगे।

भोज प्रन्यास संस्थान इस आयोजन के प्रिंट मीडिया पार्टनर के रूप में विशेष सहयोग देगा। सिंपोजियम के बाद तैयार की गई पेंटिंग्स को बीकानेर और जयपुर में प्रदर्शनी के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि कला प्रेमी इन रचनाओं का आनंद ले सकें।

बीकानेर के कला जगत में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है। शहर के युवा कलाकार इसे एक प्रेरणादायक अंतरराष्ट्रीय अवसर के रूप में देख रहे हैं, जहाँ उन्हें विश्वस्तरीय कलाकारों के साथ काम करने और नई तकनीकों को समझने का मौका मिलेगा।

यह आयोजन बीकानेर की पहचान को “कला और संस्कृति के संगम शहर” के रूप में और भी मजबूत करेगा।