खाजूवाला में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 25 बीघा नगरपालिका भूमि से अतिक्रमण हटाया, कब्जेदारों का विरोध बेअसर

खाजूवाला के दंतौर रोड पर नगरपालिका और तहसील प्रशासन ने 25 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाते हुए जलकुंड, चारदीवारी और मकान तोड़ दिए। कब्जेदारों के विरोध और हाईकोर्ट स्टे के दावे के बावजूद प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई की।

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खाजूवाला में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 25 बीघा नगरपालिका भूमि से अतिक्रमण हटाया, कब्जेदारों का विरोध बेअसर
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खाजूवाला में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 25 बीघा नगरपालिका भूमि से अतिक्रमण हटाया, कब्जेदारों का विरोध बेअसर

खाजूवाला। दंतौर रोड स्थित 8 केजेड़ी क्षेत्र में मंगलवार को नगरपालिका और तहसील प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाते हुए 25 बीघा भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कब्जाधारी पक्ष ने विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान बिना रुके जारी रहा।

जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि नगरपालिका के नाम दर्ज है और किसी भी व्यक्ति को इसका आवंटन नहीं किया गया है। इसके बावजूद वर्षों से यहां जलकुंड, चारदीवारियां और पक्के–कच्चे मकान बनाकर कब्जा किया हुआ था। मंगलवार सुबह प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की। बुलडोज़र की मदद से कृषि भूमि पर बने जलकुंड, मकान और चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया गया।

अतिक्रमित भूमि पर खड़ी ग्वार की फसल भी कार्रवाई के दौरान नष्ट हो गई। कब्जाधारी पक्ष ने आरोप लगाया कि भूमि पर हाईकोर्ट का स्टे है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने पुलिस और नगरपालिका प्रशासन को लिखित परिवाद देकर न्याय की मांग की है। कब्जेदारों का कहना है कि बिना अनुमति उनकी फसल उजाड़ी गई और उनकी आपत्ति पर ध्यान नहीं दिया गया।

वहीं, तहसीलदार राजकुमारी बिश्नोई ने स्पष्ट कहा कि भूमि पूरी तरह से नगरपालिका के नाम दर्ज है और किसी प्रकार का कोई वैध पट्टा अथवा आवंटन किसी भी व्यक्ति के पास नहीं है। उन्होंने बताया कि “अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है। संबंधित भूमि सरकारी है और उस पर अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हटाया गया है।”

कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या बाधा उत्पन्न न हो। पुलिस कर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर माहौल को नियंत्रित किया और प्रशासन को सहयोग दिया। स्थानीय लोगों की भीड़ कार्रवाई के दौरान मौके पर जुटी रही, जो पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।

अतिक्रमण हटाने के इस अभियान के बाद स्थानीय प्रशासन ने संकेत दिए कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। नगरपालिका क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्त अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खाजूवाला क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से अतिक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और खेती की जा रही थी। मंगलवार की कार्रवाई को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा है।

Importante acción de la administración en Khajuwala: Se desalojaron ocupantes ilegales de 25 bighas de terreno municipal; la protesta de los ocupantes resultó ineficaz.

Khajuwala. El martes, las administraciones municipal y del distrito realizaron un operativo conjunto para desalojar ocupantes ilegales de 25 bighas de terreno en la zona 8 KJD, en la carretera de Dantaur. Los ocupantes ilegales protestaron durante esta importante acción administrativa, pero el operativo continuó sin interrupciones bajo la supervisión de la policía.

Según la información disponible, el terreno en cuestión está registrado a nombre del municipio y no ha sido asignado a ningún particular. A pesar de ello, el terreno había sido ocupado ilegalmente durante años mediante la construcción de estanques, muros perimetrales y viviendas, tanto permanentes como temporales. El martes por la mañana, el equipo administrativo llegó al lugar e inició el proceso de desalojo. Utilizando una excavadora, se demolieron los estanques, las viviendas y los muros perimetrales construidos en terrenos agrícolas.

El cultivo de guar que crecía en el terreno ocupado ilegalmente también fue destruido durante el operativo. Los ocupantes ilegales alegaron que existía una orden judicial que impedía la ocupación del terreno, pero sus alegatos no fueron atendidos. Presentaron una denuncia por escrito ante la policía y la administración municipal, exigiendo justicia. Los ocupantes ilegales afirman que sus cultivos fueron destruidos sin permiso y que sus objeciones fueron ignoradas.

Mientras tanto, la Tehsildar Rajkumari Bishnoi declaró claramente que el terreno está registrado a nombre del municipio y que nadie posee un contrato de arrendamiento o asignación válido. Afirmó: "El desalojo se llevó a cabo en estricta conformidad con las normas. El terreno en cuestión es propiedad del gobierno y estaba ocupado ilegalmente, por lo que se ha procedido a su desalojo".

Un fuerte contingente policial fue desplegado durante la operación para evitar cualquier alteración del orden público. Los agentes permanecieron en el lugar para controlar la situación y brindar apoyo a la administración. Numerosos residentes locales se congregaron en el lugar, observando el desarrollo de los hechos.

Tras esta operación de desalojo, la administración local indicó que no se tolerarán más ocupaciones ilegales de terrenos públicos. La campaña contra las ocupaciones ilegales continuará en el municipio y se tomarán medidas enérgicas contra quienes infrinjan las normas.

En los últimos meses se ha registrado un aumento constante de casos de ocupación ilegal en la zona de Khajuwala. A pesar de las reiteradas advertencias, la gente siguió construyendo edificios ilegales y cultivando en terrenos públicos. La administración consideró la acción del martes como un mensaje contundente contra la ocupación ilegal de tierras.