नामांकन से पहले हनुमान बेनीवाल का शक्ति प्रदर्शन, नागौर में समर्थकों के हुजूम से जाम हुईं सड़कें

 0
नामांकन से पहले हनुमान बेनीवाल का शक्ति प्रदर्शन, नागौर में समर्थकों के हुजूम से जाम हुईं सड़कें
ADVERTISEMENT ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT ADVERTISEMENT

नामांकन से पहले हनुमान बेनीवाल का शक्ति प्रदर्शन, नागौर में समर्थकों के हुजूम से जाम हुईं सड़कें

प्रदेश की हॉट सीट नागौर में चुनावी दंगल की तस्वीर अब साफ हो चुकी है. भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा और कांग्रेस समर्थित आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा. संयुक्त उम्मीदवार की घोषणा के बाद बेनीवाल मंगलवार को पहली बार नागौर पहुंचे और मेगा रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन किया. शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक व पूर्व विधायक शामिल होकर गठबंधन में एकजुटता देने का संदेश दिया.

नागौर संसदीय क्षेत्र में एंट्री करते ही बेनीवाल का कांग्रेस के सभी नेताओं, विधायकों ने न केवल स्वागत किया, बल्कि पूरे रोड शो के दौरान बेनीवाल के साथ खड़े भी रहे. परबतसर के कांग्रेस विधायक रामनिवास गावड़िया तो बेनीवाल के सारथी बने और रोड शो के दौरान पूरे रास्ते उन्होंने ही बेनीवाल की गाड़ी चलाई.
हनुमान बेनीवाल आज नागौर संसदीय क्षेत्र से अपना नामांकन भी दाखिल करेंगे. मंगलवार को भाजपा प्रत्याशी ने कार्यकर्ताओं के हुजूम के साथ अपना नामांकन दाखिल किया था. ज्योति मिर्धा और हनुमान बेनीवाल के बीच मुकाबला तगड़ा होने वाला है और दोनों के बीट कांटे की लड़ाई हो सकती है. 

हुनुमान बेनीवाल नागौर संसदीय क्षेत्र से आज करेंगे नामांकन
नामांकन से पहले संसदीय क्षेत्र में रोड शो कर हनुमान बेनीवाल ने ऐज लेने की कोशिश की है. रोड शो के दौरान उनके साथ मकराना कांग्रेस विधायक और कांग्रेस जिला अध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत और डीडवाना के पूर्व विधायक चेतन डूडी भी साथ रहे. कांग्रेस नेताओं ने रोड शो में साथ खड़े होकर गठबंधन का एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की.

रोड शो के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने किया स्वागत
हनुमान बेनीवाल के शक्ति प्रदर्शन में नावां - कुचामन क्षेत्र में पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी भी शामिल हुए, उन्होंने कुचामन में हनुमान बेनीवाल की अगवानी कर उनके साथ मंच भी साझा किया.  लाडनूं में विधायक मुकेश भाकर और जायल में पूर्व विधायक मंजू मेघवाल ने हनुमान बेनीवाल का स्वागत किया.

संयुक्त उम्मीदवार के उतरने से नागौर पर संघर्षपूर्ण हुआ मुकाबला 
माना जा रहा है कि संयुक्त उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल के रोड शो में स्थानीय नेताओं को खड़ी कर कांग्रेस ने एकजुटता का संदेश दिया और नागौर संसदीय क्षेत्र की जनता को यह मैसेज देने में सफल रही कि पूरी कांग्रेस पार्टी आरएलपी सुप्रीमो के साथ हुए गठबंधन से खुश है. 

नागौर संसदीय क्षेत्र को कौन फतह करेगा यह तो वक्त बताएगा, लेकिन इतना तय है कि नागौर में संयुक्त उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल के उतरने से चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और संघर्षपूर्ण हो गया है

पहला संदेश, कांग्रेस को वॉक ओवर देने के मूड में नहीं है कांग्रेस
दरअसल इस संदेश के कई सियासी मायने भी हैं. पहला संदेश तो यह है कि कांग्रेस पूरी तरह से चुनावी मूड में है और इस बार वह भाजपा को किसी भी सूरत में वॉक ओवर नहीं देना चाहती. इस बार कांग्रेस मजबूत लड़ाई लड़ना चाहती है, इसलिए उसने नागौर जैसी मजबूत सीट पर गठबंधन किया, ताकि भाजपा का विजयी रथ रोका जाए.

रोड शो के दौरान एकजुटता का संदेश देने की कोशिश 
दूसरा संदेश, रोड शो में संसदीय क्षेत्र के स्थानीय कांग्रेस नेताओं की परेड
दूसरा, कांग्रेस गठबंधन पर स्थिति को क्लियर कर कार्यकर्ताओं को अनुशासन का भी संदेश देना चाहती है, क्योंकि नागौर सीट पर गठबंधन को लेकर लंबे समय तक असमंजस की स्थिति बनी रही थी. कांग्रेस का एक धड़ा गठबंधन के पक्ष में था तो दूसरा धड़ा इसके विरोध में था. ऐसे में जिले के सभी नेताओं को रोड शो में हनुमान बेनीवाल का स्वागत करवा दिया.

तीसरा संदेश, नागौर संसदीय क्षेत्र के बहुसंख्यक वोटर हैं जाट
वहीं, बड़ी जातियों के वोटों को साधना भी तीसरा बड़ा सियासी कारण है. नागौर लोकसभा सीट पर जाट मतदाता सर्वाधिक है. जबकि दूसरे स्थान पर मुस्लिम और तीसरे स्थान पर एससीएसटी व मूल ओबीसी वर्ग के मतदाताओं की भारी संख्या है. कांग्रेस चाहती है कि इन जातिगत वोटों में बिखराव ना हो और भाजपा को सेंधमारी का लाभ नहीं मिल सके.

चौथा संदेश, कांग्रेस भुनाना चाहती है विधानसभा में मिले वोट
विधानसभा चुनाव में मिले वोटों को लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस भुनाना चाहती है, क्योंकि नागौर संसदीय सीट की 8 विधानसभाओं में से कांग्रेस को 4 पर बड़ी जीत मिली थी, वहीं एक सीट पर हनुमान बेनीवाल की आरएलपी और एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते थे, जबकि भाजपा के खाते में मात्र दो सीटें ही आई थी. ऐसे में कांग्रेस -आरएलपी मिलकर इसी समीकरण को लोकसभा चुनाव में भी भुनाने की फिराक में हैं.

पांचवां संदेश, कांग्रेस- आरएलपी मिलकर किसानों के मुद्दे पर घेरेंगे
कांग्रेस किसान आंदोलन से उपजी केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी को भी अपने पक्ष में करना चाहती है. नागौर जिला किसान बाहुल्य क्षेत्र है. देश में हुए किसान आंदोलन का असर नागौर पर भी पड़ा था. किसान आंदोलन के मुद्दे पर ही हनुमान बेनीवाल ने भी एनडीए गठबंधन से नाता तोड़ा था. ऐसे में कांग्रेस व आरएलपी किसानों के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरकर किसानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगी.

Hanuman Beniwal's show of strength before nomination, roads blocked by crowd of supporters in Nagaur

The picture of election riot in Nagaur, the hot seat of the state, is now clear. An interesting contest will be seen between BJP candidate Jyoti Mirdha and Congress-backed RLP supremo Hanuman Beniwal. After the announcement of the joint candidate, Beniwal reached Nagaur for the first time on Tuesday and demonstrated strength by holding a mega road show. Congress MLAs and former MLAs participated in the show of strength and gave the message of unity in the alliance.

As soon as Beniwal entered the Nagaur parliamentary constituency, all the Congress leaders and MLAs not only welcomed him, but also stood with him during the entire road show. Parbatsar's Congress MLA Ramniwas Gavadiya became Beniwal's charioteer and drove Beniwal's car the entire way during the road show.
Hanuman Beniwal will also file his nomination from Nagaur parliamentary constituency today. On Tuesday, the BJP candidate had filed his nomination with a crowd of workers. The competition between Jyoti Mirdha and Hanuman Beniwal is going to be tough and there can be a tough fight between the two.

Hunuman Beniwal will file nomination from Nagaur parliamentary constituency today.
Before nomination, Hanuman Beniwal has tried to gain edge by doing a road show in the parliamentary constituency. During the road show, Makrana Congress MLA and Congress District President Zakir Hussain Gasawat and former Didwana MLA Chetan Dudi were also with him. Congress leaders tried to give the message of unity of the alliance by standing together in the road show.

Local Congress leaders welcomed during the road show
Former MLA and former Chief Whip Mahendra Chaudhary also participated in Hanuman Beniwal's show of strength in Navan-Kuchaman area. He welcomed Hanuman Beniwal in Kuchaman and also shared the stage with him. MLA Mukesh Bhakar in Ladnun and former MLA Manju Meghwal in Jayal welcomed Hanuman Beniwal.

Nagaur contest becomes tough due to entry of joint candidate
It is believed that by fielding local leaders in the road show of joint candidate Hanuman Beniwal, Congress gave a message of unity and was successful in giving the message to the people of Nagaur parliamentary constituency that the entire Congress party is happy with the alliance with the RLP supremo. .

Time will tell who will win the Nagaur parliamentary constituency, but it is certain that with the entry of joint candidate Hanuman Beniwal in Nagaur, the election contest has become very interesting and competitive.

First message, Congress is in no mood to give walk over to Congress.
Actually, this message also has many political meanings. The first message is that Congress is in full election mood and this time it does not want to give a walk over to BJP under any circumstances. This time Congress wants to fight a strong battle, hence it formed an alliance on a strong seat like Nagaur, so that the winning chariot of BJP can be stopped.

Attempt to give message of unity during road show
Second message, parade of local Congress leaders of parliamentary constituency in road show
Secondly, Congress also wants to give a message of discipline to the workers by clarifying the situation on the alliance, because there was confusion regarding the alliance on Nagaur seat for a long time. One faction of Congress was in favor of the alliance and the other faction was against it. In such a situation, all the leaders of the district welcomed Hanuman Beniwal in the road show.

Third message, majority voters of Nagaur parliamentary constituency are Jats.
At the same time, cultivating the votes of big castes is also the third major political reason. Nagaur Lok Sabha seat has the highest number of Jat voters. Whereas Muslims are at second place and SCST and original OBC category voters are at third place. Congress wants that there should be no fragmentation in these caste votes and BJP should not get the benefit of this breach.

Fourth message, Congress wants to capitalize on the votes received in the assembly.
Congress wants to capitalize on the votes received in the Assembly elections in the Lok Sabha elections also, because out of 8 assemblies of Nagaur parliamentary seat, Congress got a big victory in 4, while Hanuman Beniwal's RLP won one seat and an independent candidate won one seat. Whereas BJP had got only two seats in its account. In such a situation, Congress and RLP together are trying to capitalize on this equation in the Lok Sabha elections also.

Fifth message, Congress and RLP will together focus on the issue of farmers.
Congress also wants to use the resentment towards the central government arising from the farmers' movement in its favor. Nagaur district is a farmer dominated area. The farmers' movement in the country had an impact on Nagaur also. Hanuman Beniwal had also broken ties with the NDA alliance on the issue of farmers' movement. In such a situation, Congress and RLP will try to corner the BJP on the issue of farmers and bring them to their side.

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT