Exam से पहले पिता की मौत, रोते-रोते दी 12वीं की परीक्षा...अब उसी बेटी ने रच दिया इतिहास

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Exam से पहले पिता की मौत, रोते-रोते दी 12वीं की परीक्षा...अब उसी बेटी ने रच दिया इतिहास

Exam से पहले पिता की मौत, रोते-रोते दी 12वीं की परीक्षा...अब उसी बेटी ने रच दिया इतिहास

राजस्थान बोर्ड ने 2 दिन पहले 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम एक साथ जारी किया है। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स विषय में 8 लाख पचास हजार‌ से भी ज्यादा बच्चों ने परीक्षा दी और दो से तीन फिसदी बच्चों को छोड़कर सभी पास हुए हैं। पहली बार रहा है जब किसी छात्र के सौ फीसदी नंबर आए हैं , लेकिन इन सब बच्चों में एक बच्ची ऐसी भी है जिसने उन हालातों में परीक्षा दी जो सोचा भी नहीं जा सकता।

12वीं पास करने वाली इस बिटिया की कहानी रुला देगी
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में हमीरगढ़ तहसील की रहने वाली लक्ष्मी अहीर की । लक्ष्मी के पिता को 22 फरवरी के दिन जमीन के विवाद में पीट-पीट कर मार दिया गया था। परिवार के सामने इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। 22 फरवरी को इस विवाद के बाद अगले ही दिन 23 फरवरी को लक्ष्मी का अंग्रेजी का पर्चा था। वह परीक्षा देने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन मां सोनी बाई ने बेटी को तैयार किया ।‌अपने कलेजे पर पत्थर रख न केवल अंग्रेजी बल्कि सभी विषयों के पर्चे दिलवाएं और बेटी को कहा पिता का यही सपना है जो तुम्हें पूरा करना है।

रोते हुए परीक्षा दी 91 फ़ीसदी अंक मिले
मां की यह बातें सुनकर बेटी ने ठान लिया कि उसे टॉप करना है । बेटी ने मां के इन शब्दों को अपने जीवन में उतार लिया और पढ़ाई शुरू कर दी। सोमवार को जब उसका परिणाम आया तो उसने पूरे गांव को हिला कर रख दिया । लक्ष्मी ने करीब 91 फ़ीसदी अंक अर्जित किए हैं । उसने कहा पिता मुझे बड़े ओहदे पर देखना चाहते थे और अब उसको पूरा करने के लिए यूपीएससी की तैयारी में जुट गई हूं ।‌मां सोनी बाई का कहना है बेटी जो भी करेगी , मुझे उसे पर गर्व है। उसने परिवार का नाम रोशन किया है।

2 महीने में लक्ष्मी के दो प्रिय लोग दुनिया छोड़कर चले गए
लक्ष्मी के साथ इन दिनों में एक और घटना घटी। जिसने उसे पूरी तरह तोड़ दिया । जिस दिन लक्ष्मी का रिजल्ट आया उसी दिन वह अपने शिक्षक डॉ रमेश यादव के यहां गई । पता चला परिणाम वाले दिन ही डॉक्टर का निधन हो गया। घर में ना तो मिठाई बाटी और ना ही रिजल्ट को लेकर किसी तरह का जश्न मनाया गया । 2 महीने में लक्ष्मी के दो सबसे प्रिय सदस्य दुनिया छोड़कर चले गए । वह सदमे में होते हुए भी टॉप कर गई।

Father died before exams, gave 12th exam crying...now the same daughter has created history

Rajasthan Board has released the results of 12th board exams simultaneously 2 days ago. More than 8 lakh fifty thousand children took the examination in Arts, Science and Commerce subjects and all except two to three percent children passed. This is the first time that a student has got 100% marks, but among all these children, there is one girl who appeared in the examination in circumstances that were unimaginable.

The story of this daughter who passed 12th will make you cry
We are talking about Lakshmi Ahir, a resident of Hamirgarh tehsil in Bhilwara district of Rajasthan. Lakshmi's father was beaten to death on 22 February over a land dispute. This murder was carried out in front of the family. After this controversy on 22nd February, the very next day on 23rd February, Lakshmi's English paper was due. She was not ready to take the exam, but mother Soni Bai prepared her daughter. Keep a stone on your heart and get papers for not only English but all the subjects and told the daughter that this is her father's dream which she has to fulfill.

Gave the exam crying and got 91% marks.
Hearing these words of her mother, the daughter decided that she had to top the list. The daughter took these mother's words into her life and started studying. When the result came on Monday, it shook the entire village. Lakshmi has scored around 91 percent marks. She said that father wanted to see me on a big position and now to fulfill it I have started preparing for UPSC. Mother Soni Bai said that whatever her daughter does, I am proud of her. He has brought glory to the family.

Within 2 months, two of Lakshmi's favorite people left this world.
Another incident happened with Lakshmi during these days. Which broke him completely. The day Lakshmi's results came, she went to her teacher Dr. Ramesh Yadav. It turned out that the doctor died on the day of the results. Neither sweets were distributed at home nor there was any celebration regarding the result. Within 2 months, two of Lakshmi's most beloved members left this world. Despite being in shock, she topped.