21 महीनों में हुआ था मां करणी का जन्म: जस्सूसर गेट करणी मंदिर में करणी कथा आरंभ, कलश यात्रा से मंगल उद्घाटन
21 महीनों में हुआ था मां करणी का जन्म: जस्सूसर गेट करणी मंदिर में करणी कथा आरंभ, कलश यात्रा से मंगल उद्घाटन
बीकानेर।
जस्सूसर गेट बाहर स्थित करणी माता मंदिर में आज से चार दिवसीय श्री करणी कथा का शुभारंभ विधिविधान से हुआ। प्रथम दिन सुबह कलश यात्रा निकाली गई, जिसके साथ भक्तिमय माहौल में कथा का आरंभ हुआ। कथा वाचन का दायित्व पंडित रवि शंकर पारीक (नापासर) निभा रहे हैं।
पहले दिन की कथा में पंडित पारीक ने करणी माता के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि करणी माता का जन्म सामान्य मानव से भिन्न रहा। जहाँ सामान्यतः गर्भकाल 9 माह होता है, वहीं मां करणी का गर्भकाल 21 महीने रहा, जो अपने आप में अद्वितीय और अलौकिक घटना मानी जाती है। उन्होंने कहा कि करणी माता का अवतार केवल मानव जन्म नहीं, बल्कि धर्म, सेवा और शक्ति का प्रतीक है।
कथा आरंभ से पूर्व श्री माताजी महाराज का विशेष पूजन किया गया। यजमान के रूप में अशोक सोनी, आनंद सोनी, आकाश गहलोत, लक्ष्मी नारायण सोनी और जितेंद्र खत्री ने पूजा-अर्चना कर कथा प्रारंभ करवाई। भक्तों ने पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम समिति के अनुसार यह धार्मिक आयोजन निरंतर 31 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन भक्ति-भावना से ओतप्रोत कथाएं और भजन संध्याएं होंगी। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि कोई भी भक्त असुविधा का अनुभव न करे।
विशेष आकर्षण के रूप में प्रतिदिन रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक “नानी बाई का मेरा” भी आयोजित किया जाएगा, जिसे सुनने के लिए भक्तों में उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजनकर्ताओं ने कहा कि माँ करणी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरक है। यह कथा केवल धर्म की बात नहीं, बल्कि जीवन, त्याग, शक्ति और मातृत्व का दर्शन कराती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
करणी माता कथा जस्सूसर गेट बीकानेर आगामी दिनों में और भी सुनरेल क्षणों व आध्यात्मिक वातावरण का साक्षी बनेगी।


