अर्जुन राम मेघवाल बोले: BLA-2 कार्यकर्ता लोकतंत्र की सशक्त रीढ़, अटल वाजपेयी के सुशासन के प्रहरी

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अर्जुन राम मेघवाल बोले: BLA-2 कार्यकर्ता लोकतंत्र की सशक्त रीढ़, अटल वाजपेयी के सुशासन के प्रहरी
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अर्जुन राम मेघवाल बोले: BLA-2 कार्यकर्ता लोकतंत्र की सशक्त रीढ़, अटल वाजपेयी के सुशासन के प्रहरी

बीकानेर।
भारतीय जनता पार्टी बीकानेर शहर द्वारा आयोजित BLA-2 कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बीएलए-2 कार्यकर्ता लोकतंत्र की सशक्त रीढ़ हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि सुशासन और संवेदनशील राजनीति की मिसाल आज भी अटल जी के कार्यकाल से प्रेरणा लेती है। कार्यक्रम भाजपा संभाग कार्यालय, बीकानेर में हुआ, जिसकी अध्यक्षता सुमन छाजेड़ ने की।

अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में बताया कि चुनावी प्रक्रिया की सफलता बूथ स्तर की मजबूती पर आधारित है। बीएलए-2 कार्यकर्ता मतदान प्रक्रिया में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी सतर्कता और सक्रियता ही लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता न केवल चुनाव में बल्कि समाजिक संवाद और सरकारी योजनाओं के लाभ को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम सुशासन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें अटल जी की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक दृष्टिकोण को याद किया गया। मेघवाल ने सर्व शिक्षा अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने भारत में शिक्षा के प्रसार की नई दिशा दी।

उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला और बताया कि गांव-गांव तक सड़क कनेक्टिविटी ने आर्थिक अवसरों को बढ़ाया।

स्वास्थ्य क्षेत्र के संदर्भ में उन्होंने NRHM/NHM (राष्ट्रीय ग्रामीण/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) की आधारशिला को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण जारी है।

स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, भारत माला परियोजना और किसान क्रेडिट कार्ड का उल्लेख करते हुए मेघवाल ने कहा कि अटल जी की सोच केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के विकास मॉडल को पुनर्परिभाषित किया।

सभा में उन्होंने अटल जी की प्रसिद्ध कविता की पंक्तियाँ सुनाते हुए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया:

“भरी दुपहरी में अंधेरा,
सूरज परछाई से हारा…
आओ फिर से दिया जलाएँ।”