बीकानेर की दो बेटियों ने बढ़ाया मान: भूमिका यादव एवं डॉ. श्रेया थानवी CBSE लीड फैसिलिटेटर चुनी गईं

CBSE ने देशभर के चुनिंदा शीर्ष प्राचार्यों में बीकानेर की भूमिका यादव और डॉ श्रेया थानवी का चयन लीड फैसिलिटेटर के रूप में किया

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बीकानेर की दो बेटियों ने बढ़ाया मान: भूमिका यादव एवं डॉ. श्रेया थानवी CBSE लीड फैसिलिटेटर चुनी गईं
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बीकानेर की दो बेटियों ने बढ़ाया मान: भूमिका यादव एवं डॉ. श्रेया थानवी CBSE लीड फैसिलिटेटर चुनी गईं

बीकानेर।
शिक्षा जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में बीकानेर की दो प्रतिभाशाली बेटियाँ — सुश्री भूमिका यादव एवं डॉ. श्रेया थानवी — का चयन सीबीएसई (CBSE) द्वारा Lead Facilitator के रूप में किया गया है। देशभर से चुने गए केवल चुनिंदा शीर्ष प्राचार्यों में दोनों नाम शामिल होना बीकानेर और राजस्थान के लिए गर्व का बड़ा क्षण है।

सीबीएसई की इस विशेष चयन प्रक्रिया के माध्यम से वे शिक्षा गुणवत्ता सुधार, कौशल विकास एवं शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगी। लीड फैसिलिटेटर के रूप में चयनित होना ना केवल शैक्षणिक क्षमता का प्रमाण है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के भविष्य को दिशा देने की जिम्मेदारी भी है।

भूमिका यादव, बीकानेर की बेटी हैं और वर्तमान में गुजरात में कार्यरत हैं। प्रशिक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत वे बीकानेर एवं पूरे राजस्थान के लिए भी सेवाएँ प्रदान करेंगी। यह उपलब्धि बीकानेर की युवा शिक्षा नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रतिनिधित्व करती है और स्थानीय शैक्षणिक समुदाय के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।

वहीं डॉ. श्रेया थानवी, महेश्वरी पब्लिक स्कूल से संबद्ध हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, नवाचारों और नेतृत्व को लंबे समय से सराहना मिलती रही है। लीड फैसिलिटेटर के रूप में वे राजस्थान में कौशल शिक्षा (Skill Education) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों एवं मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। उनकी नियुक्ति शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस चयन ने बीकानेर सहित पूरे राजस्थान को गौरवान्वित किया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिका यादव और डॉ श्रेया थानवी जैसी युवा महिला नेतृत्व की उपस्थिति आने वाले समय में स्कूल शिक्षा को आधुनिक, समावेशी और कौशल आधारित बनाने में सहयोग करेगी।

यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि इस तथ्य का संदेश भी देती है कि बीकानेर की बेटियाँ राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं — यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।