खड़े कंटेनर में आग: किआ की 6 कारें लदी, एक वाहन क्षतिग्रस्त; फायर ब्रिगेड ने समय रहते बचाया बड़ा हादसा
नोखा बाईपास पर खड़े कंटेनर में आग: किआ की 6 कारें लदी, एक वाहन क्षतिग्रस्त; फायर ब्रिगेड ने समय रहते बचाया बड़ा हादसा
नोखा कस्बे के बाईपास क्षेत्र से बीती रात आग की एक बड़ी घटना सामने आई, जहां सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर में अचानक आग भड़क उठी। कंटेनर में किआ कंपनी की 6 नई कारें लदी हुई थीं, जिनमें से एक कार आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, दमकल कर्मियों की तत्परता से अन्य पांच कारों को बचा लिया गया, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह कंटेनर दो दिन पहले हुए सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया था। हादसे में कंटेनर डिवाइडर से टकराकर रुक गया और उसी स्थान पर बाईपास किनारे खड़ा था। उस हादसे में एक पैदल युवक की जान भी गई थी। घटना के बाद से कंटेनर सड़क किनारे ही पार्क था और इसके हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी।
रात में धधकी आग, फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
जानकारी के अनुसार देर रात अचानक कंटेनर से धुआं उठता देखा गया। देखते ही देखते आग तेज लपटों में बदल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और मशक्कत कर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दी गई, अन्यथा कंटेनर में लदी सभी गाड़ियां जल सकती थीं और नुकसान कई गुना बढ़ जाता।
आग का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं
घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। आग कैसे लगी, इसका कारण अब तक सामने नहीं आ पाया है। तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या बाहरी कारण — सभी संभावनाओं पर पुलिस जांच कर रही है। फोरेंसिक या तकनीकी निरीक्षण के बाद स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
दो दिन पहले मौत वाला मामला भी जुड़ा हुआ
गौरतलब है कि इसी कंटेनर की चपेट में आने से दो दिन पहले एक युवक की मौत हुई थी। हादसे के बाद वाहन क्षतिग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे खड़ा रहा। लगातार दो घटनाओं के बाद अब लोग सुरक्षा व्यवस्था और वाहन जल्द हटाने की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग
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दुर्घटना के बाद खड़े भारी वाहनों को समय पर हटाया जाए
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रात में बाईपास पर निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए
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आग के कारणों की तकनीकी जांच की जाए
नोखा में यह घटना बड़ी राहत के साथ खत्म हुई, लेकिन इसने सुरक्षा और प्रबंधन पर एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ दिया है। समय रहते फायर ब्रिगेड के पहुंचने से दुर्घटना बड़ी त्रासदी में बदलने से बच गई।


