महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग स्थायी करने की मांग तेज, कैबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग स्थायी करने की मांग तेज, कैबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन
बीकानेर स्थित महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग को स्थायी रूप से स्थापित किए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस संबंध में राजस्थानी मोटयार परिषद, बीकानेर की ओर से राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा को ज्ञापन सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष हिमांशु टाक के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि राजस्थानी भाषा राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं की पहचान है, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग अब तक स्थायी रूप से स्थापित नहीं हो पाया है। इससे राजस्थानी भाषा और साहित्य के अध्ययन-अध्यापन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक सुविधा नहीं मिल पा रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग को स्थायी दर्जा देकर नियमित शिक्षण और शोध की व्यवस्था की जाए। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बाहरी पाठ्यक्रमों पर निर्भरता कम होगी और उन पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय भार भी समाप्त होगा। साथ ही यह कदम राजस्थानी भाषा के संरक्षण और संवर्धन में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर मोटयार परिषद के कमल मारू ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में राजस्थानी को स्थायी विभाग के रूप में संचालित किया जाता है, तो भाषा को उचित मान-सम्मान मिलेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक व शोध के अवसर उपलब्ध होंगे।
कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए इस विषय पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में राजेश चौधरी, राम शर्मा, प्रशांत जैन, मदन दान और मनोज पंवार सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।


