राजस्थान में BJP सरकार ने किया बड़ा काम, प्राइवेट स्कूलों में 3 साल तक नहीं बढ़ेगी फीस, बाहर से खरीद सकेंगे यूनिफॉर्म-किताबें

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राजस्थान में BJP सरकार ने किया बड़ा काम, प्राइवेट स्कूलों में 3 साल तक नहीं बढ़ेगी फीस, बाहर से खरीद सकेंगे यूनिफॉर्म-किताबें

राजस्थान में BJP सरकार ने किया बड़ा काम, प्राइवेट स्कूलों में 3 साल तक नहीं बढ़ेगी फीस, बाहर से खरीद सकेंगे यूनिफॉर्म-किताबें

राजस्थान के 45000 प्राइवेट स्कूलों के पर बीजेपी के भजनलाल सरकार कैंची चलाने वाली है। फिलहाल राज्य के सभी स्कूलों में 1 से 8 वीं क्लास के स्टूडेंट की गर्मियों की छुट्टियां चल रही है। वहीं कक्षा 9 से 12 के बच्चों के छुट्टियां की घोषणा अगले सप्ताह कर दिए जाएंगे। जुलाई महीने में जब स्कूल फिर से शुरू होंगे तो उस समय फीस , यूनिफॉर्म और बुक्स को लेकर कवायद शुरू होगी । इसके मुताबिक इन सारी चीजों के फीस भी उतनी ही ली जाएगी जितनी सरकार की तरफ से तय की जाएगी। फिलहाल राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों में 25 हजार सालाना से लेकर 5 लाख सालाना तक स्कूल फीस ली जाती है।

दरअसल राजस्थान सरकार प्राइवेट स्कूल के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक कमेटी बना रही है‌  इस कमेटी में बच्चों के माता-पिता को भी शामिल किया जा रहा है।  कमेटी और सरकार मिलकर स्कूल की फीस तय करेगी। ये भी तय किया गया है कि बच्चों के अभिभावक स्कूल के बाहर से यूनिफॉर्म और बुक्स खरीद सकते हैं। कई प्राइवेट स्कूल में कक्षा 8 तक के बच्चों का कोर्स ही 10 हजार सालाना तक का है। वहीं स्कूल यूनिफार्म के 5 हजार तक देने पड़ते हैं।

राजस्थान में निजी स्कूलों के लिए गाइडलाइन तैयार
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर आशीष मोदी कहते हैं- निजी स्कूलों के लिए गाइडलाइन तैयार की है।स्कूलों को अपनी फीस, बुक्स , यूनिफार्म के बारे में राजस्थान प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर जानकारी देनी होगी।इस पोर्टल पर स्कूल की मासिक फीस से लेकर सालाना फीस के बारे में जानकारी देनी होगी। फीस के नाम पर किन-किन वस्तुओं के या सुविधाओं के दाम लिए जा रहे हैं उनके बारे में भी पूरी जानकारी देनी होगी ।अगर कोई माता-पिता अपने बच्चों के लिए वह सुविधा या वस्तुएं नहीं लेना चाहते तो स्कूल वाले उन्हें बाध्य नहीं कर सकेंगे।

राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों में फीस
आशीष मोदी ने कहा कि स्कूल में फीस और अन्य खर्चों का निर्धारण फिलहाल हम 3 साल के लिए कर रहे हैं । किसी भी स्कूल ने तय फीस के अलावा अगर फीस ली है तो माता-पिता पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं । ऐसे स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । डायरेक्टर मोदी ने यह भी कहा कि किसी भी तरह का छुपा हुआ खर्च फीस में शामिल नहीं किया जाएगा। आशीष मोदी ने कहा अब स्कूलों में हर महीने स्टूडेंट के माता-पिता और टीचर्स की मीटिंग होगी । जो भी कोर्स मंगाया जाएगा वह राजस्थान सरकार या भारत सरकार से अनुमोदित होगा। पेन , पेंसिल,  कलर या अन्य चीजों के अतिरिक्त दाम नहीं लिए जा सकेंगे।

स्कूलों में बच्चों के ऊपर शारीरिक दबाव बनाना लापरवाही
माध्यमिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर आशीष मोदी कहते हैं- स्कूलों में बच्चों के ऊपर शारीरिक या मानसिक दबाव बनाना घोर लापरवाही की श्रेणी में गिना जाएगा।‌ बच्चों के लिए खास तौर पर फीमेल स्टूडेंट और स्टाफ के लिए प्रोपर इंतजाम रखना होंगे । अगर किसी स्कूल के खिलाफ माता-पिता शिकायत करते हैं तो इसका हल 3 से 5 दिन में करना होगा । ऐसा नहीं करने पर स्कूल संचालक के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

BJP government did a big job in Rajasthan, fees will not increase in private schools for 3 years, uniforms and books will be bought from outside.

BJP's Bhajanlal government is going to use scissors on 45000 private schools of Rajasthan. At present, summer vacations are going on for students of classes 1 to 8 in all the schools of the state. Whereas holidays for children of classes 9 to 12 will be announced next week. When schools will reopen in the month of July, the exercise regarding fees, uniforms and books will begin. According to this, the fees for all these things will be charged as much as will be decided by the government. At present, school fees in private schools of Rajasthan range from Rs 25 thousand to Rs 5 lakh per year.

Actually, Rajasthan government is forming a committee along with representatives of private schools. Parents of children are also being included in this committee. The committee and the government will together decide the school fees. It has also been decided that parents of children can buy uniforms and books from outside the school. In many private schools, the courses for children up to class 8 cost up to Rs 10,000 per year. At the same time, up to Rs 5 thousand have to be paid for school uniform.

Guidelines ready for private schools in Rajasthan
Director of Secondary Education Department of Rajasthan, Ashish Modi says - Guidelines have been prepared for private schools. Schools will have to give information about their fees, books, uniforms on the Rajasthan Private School Portal. Information about annual fees will have to be given. Complete information will also have to be given about which items or facilities are being charged in the name of fees. If any parent does not want to avail that facility or item for their children, then the school will not be able to force them. .

Fees in private schools of Rajasthan
Ashish Modi said that currently we are determining the fees and other expenses in the school for 3 years. If any school has charged fees other than the fixed fees, then parents can complain on the portal. Strict action will be taken against such schools. Director Modi also said that any kind of hidden expenses will not be included in the fees. Ashish Modi said that now there will be a meeting of parents and teachers of students every month in schools. Whatever course will be ordered will be approved by the Government of Rajasthan or the Government of India. No extra charges will be taken for pens, pencils, colors or other things.

Negligence in putting physical pressure on children in schools
Ashish Modi, Director of Secondary Education Department, says - Putting physical or mental pressure on children in schools will be counted in the category of gross negligence. Proper arrangements will have to be made for the children, especially for the female students and staff. If parents complain against any school, it will have to be resolved in 3 to 5 days. If this is not done, action will be taken against the school operator.