गैर-सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, 2026-27 सत्र से मान्यता व एनओसी दो सत्र तक मान्य

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गैर-सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, 2026-27 सत्र से मान्यता व एनओसी दो सत्र तक मान्य
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गैर-सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, 2026-27 सत्र से मान्यता व एनओसी दो सत्र तक मान्य

जयपुर। राजस्थान सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों से संबंधित ऑनलाइन मान्यता, क्रमोन्नति, स्थान परिवर्तन, अतिरिक्त माध्यम, संकाय, विषय संशोधन और नाम परिवर्तन जैसी प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 एवं नियम 1993 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए गए हैं।

राज्य में वर्तमान में लगभग 38 हजार निजी शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनका बुनियादी शिक्षा ढांचे में अहम योगदान है। प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2016-17 से सभी मान्यताओं का कार्य ऑनलाइन किया गया था, जिसे आगामी सत्र 2026-27 में भी यथावत जारी रखा जाएगा।


नई गाइडलाइन के प्रमुख प्रावधान

???? अस्थायी स्थान परिवर्तन में राहत
अतिवृष्टि, भवन मरम्मत, सार्वजनिक निर्माण कार्य या आपात स्थिति में विद्यालय संचालन प्रभावित होने पर जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर निदेशालय स्तर से स्थान परिवर्तन की स्वीकृति मिलेगी।

???? NOC की वैधता अब दो वर्ष
पहले एक सत्र तक मान्य NOC अब दो शैक्षिक सत्रों तक लागू रहेगी।

???? पुनः निरीक्षण केवल निदेशालय स्तर से
मान्यता/क्रमोन्नति में संदेह होने पर पुनः निरीक्षण दल जिला नहीं बल्कि केवल निदेशालय स्तर से गठित होगा।

???? अन्य बोर्डों से संबद्धता में ऑनलाइन प्रक्रिया अनिवार्य
CBSE, CISCE, CAIE, IB सहित अन्य बोर्डों से संबद्धता हेतु NOC केवल ऑनलाइन पोर्टल से ही जारी की जाएगी।

???? शुल्क भुगतान में बदलाव
अब मान्यता व क्रमोन्नति से जुड़े शुल्क डिमांड ड्राफ्ट की जगह ई-ग्रास (e-GRAS) माध्यम से जमा होंगे।

???? निरीक्षण रिपोर्ट अब ऑनलाइन फॉर्मेट में
अफिलिएशन निरीक्षण के लिए टीम ऑनलाइन निरीक्षण प्रपत्र भरेगी। ऑफलाइन प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है।

???? अपील अवधि तय – देरी पर शुल्क लागू

  • मान्यता/क्रमोन्नति रद्द होने पर 30 दिन में ऑनलाइन अपील

  • NOC निरस्तीकरण पर 7 दिन में अपील

  • निर्धारित अवधि के बाद एक माह तक 30,000 रुपये विलंब शुल्क सहित अपील मान्य

  • इसके बाद किसी परिस्थिति में अपील स्वीकार नहीं होगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी दिशा-निर्देश व मूल अधिनियम में विसंगति हो, तो अधिनियम, अधिसूचना व नियम ही प्राथमिक रूप से लागू होंगे।