बीकानेर में ‘मरु लहरिया उत्सव सीजन-2’ का भव्य आयोजन, महिलाओं के आत्मविश्वास और प्रतिभा को मिला मंच
बीकानेर में मानव अधिकार सामाजिक कल्याण संघ द्वारा ‘मरु लहरिया उत्सव सीजन-2’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं के साथ महिलाओं की प्रतिभा को मंच मिला। मिस लहरिया, मिसेज लहरिया, मिस्टर मारवाड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
बीकानेर में ‘मरु लहरिया उत्सव सीजन-2’ का भव्य आयोजन, महिलाओं के आत्मविश्वास और प्रतिभा को मिला मंच
✍️ नितिन खत्री | MyCityDilSe.com
बीकानेर। राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, भाषा, साहित्य एवं संस्कारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मानव अधिकार सामाजिक कल्याण संघ द्वारा ‘मरु लहरिया उत्सव सीजन-2’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं के आत्मविश्वास, प्रतिभा और रचनात्मकता को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम की संस्थापक उषा कंवर ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान ‘लहरिया’ को देशभर में विशेष पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गरबा, डांडिया और गणेश उत्सव देशभर में उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाए जाते हैं, उसी तरह राजस्थान की पारंपरिक लहरिया संस्कृति को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम में बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी एवं शकुंतला (राजस्थान पुलिस) की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मंच संचालन नरेश मीर ने किया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा
मरु लहरिया उत्सव सीजन-2 के दौरान प्रतिभागियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें मिस लहरिया, मिसेज लहरिया, मिस्टर मारवाड़, डांस, टैलेंट एवं गायन प्रतियोगिता प्रमुख रहीं।
प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और राजस्थानी संस्कृति के प्रति लगाव का प्रदर्शन किया। विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में गरिमा विजय, पदमा जोशी, विक्रम सिंह राठौड़, भंवर सिंह (भंवरसा), जय कावा, एकता गोस्वामी, दयानंद सोनी, पूजा सोनी एवं मंजू राठौड़ उपस्थित रहे।
राजस्थानी संस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश
आयोजकों ने कहा कि ‘मरु लहरिया उत्सव’ का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति, पहनावे, भाषा, लोक कला और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर आगे आने का अवसर मिला। आयोजन में उपस्थित लोगों ने राजस्थानी संस्कृति और लहरिया परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने की पहल की सराहना की।
‘मरु लहरिया उत्सव सीजन-2’ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और महिला प्रतिभा के उत्सव के रूप में संपन्न हुआ।


