महिला कैदियों के कल्याण पर फोकस: बीकानेर जेल में सुविधाओं और संसाधनों का व्यापक अवलोकन

बीकानेर जेल में महिला बंदियों के कल्याण हेतु विशेष दौरा किया गया। अर्चना सक्सेना और अलका पारिक ने कैदियों की समस्याओं, सुविधाओं और सुधारात्मक जरूरतों पर चर्चा की, जिससे महिला कैदियों के हितों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा।

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महिला कैदियों के कल्याण पर फोकस: बीकानेर जेल में सुविधाओं और संसाधनों का व्यापक अवलोकन
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बीकानेर केंद्रीय कारागार में महिला कैदियों से मुलाकात, सुविधाओं और आवश्यकताओं का निरीक्षण

बीकानेर। महिला कैदियों के अधिकारों, आवश्यकताओं और उपलब्ध सुविधाओं का गहन अवलोकन करते हुए बीकानेर केंद्रीय कारागार में एक विशेष निरीक्षण दौरा आयोजित किया गया। यह दौरा जेलर शकुंतला बालन के विशेष आमंत्रण पर सम्पन्न हुआ। निरीक्षण दल ने महिला बंदियों से संवाद कर उनकी प्रमुख जरूरतों और समस्याओं को समझा तथा मौजूदा संसाधनों और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

इस निरीक्षण में सामाजिक संगठन We Are Foundation की डायरेक्टर, फ़ाउंडर एवं चेयरमैन अर्चना सक्सेना, तथा को-डायरेक्टर अलका पारिक भी विशेष तौर पर उपस्थित रहीं। दोनों प्रतिनिधियों ने महिला बंदियों के साथ विस्तृत बातचीत की और उनकी दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान यह महसूस किया गया कि महिला कैदियों को न केवल भौतिक सुविधाओं की, बल्कि भावनात्मक समर्थन और मनोवैज्ञानिक परामर्श की भी आवश्यकता है। कई महिला कैदियों ने बच्चों की देखभाल, चिकित्सीय सुविधाओं, स्वच्छता सामग्री और कौशल विकास कार्यक्रमों को लेकर अपनी मांगें रखीं।
जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए टीम ने बेहतर संसाधन प्रबंधन और आवश्यक सुधारों पर सुझाव भी दिए।

जेलर शकुंतला बालन ने उपस्थित टीम का स्वागत करते हुए कहा कि महिला कैदियों के लिए सकारात्मक और सुरक्षित माहौल प्रदान करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जेल प्रबंधन स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कई कार्यक्रम चला रहा है, जिनका उद्देश्य महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना है।

We Are Foundation की चेयरमैन अर्चना सक्सेना ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण न केवल समस्याओं की पहचान करने में मदद करते हैं, बल्कि सुधारात्मक कदमों को प्रभावी ढंग से लागू करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने महिला कैदियों के हित में सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। को-डायरेक्टर अलका पारिक ने बताया कि ऐसी पहलें महिला कैदियों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस निरीक्षण दौरे को महिला बंदियों की स्थितियों में सुधार लाने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं और कारागार प्रशासन के संयुक्त प्रयास से महिला कैदियों की भलाई और पुनर्वास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।