राजस्थान में शीतलहर का प्रकोप: फतेहपुर और लूणकरणसर 3.2 डिग्री पर, अगले 48 घंटे और बढ़ेगी सर्दी
राजस्थान में शीतलहर का असर बढ़ गया है। फतेहपुर और लूणकरणसर में तापमान 3.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री और गिरावट की संभावना जताई है।
राजस्थान में बढ़ी सर्दी, फतेहपुर और लूणकरणसर 3.2 डिग्री पर; अगले 48 घंटे शीतलहर का असर तेज
राजस्थान में शीतलहर का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। सीकर जिले के फतेहपुर और बीकानेर जिले के लूणकरणसर में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर तथा पश्चिमी राजस्थान के कई शहरों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। प्रदेश में अधिकतम तापमान भी बुधवार को 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, जिससे दिन के समय भी ठंड का असर महसूस किया गया।
मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का असर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले 24 से 48 घंटों में उत्तरी राजस्थान के शहरों — जिनमें फतेहपुर, चूरू, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर और बीकानेर शामिल हैं — में रात की ठंड और बढ़ सकती है।
बताया गया कि इस अवधि में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री तक और गिरावट दिखा सकता है। इससे रात और सुबह के समय कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ सकता है।
अगले एक सप्ताह मौसम साफ रहने की संभावना
मौसम वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा। बादलों की कमी और उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश में सर्दी और अधिक प्रभावी रहेगी।
क्यों बढ़ रही है ठंड?
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उत्तरी भारत से आ रही ठंडी हवाएँ राजस्थान में तापमान गिराने का मुख्य कारण हैं।
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तेज़ हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
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बादलों की अनुपस्थिति से रात के समय तापमान तेज़ी से नीचे जा रहा है।
लोगों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि
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सुबह और रात के समय गर्म कपड़े जरूर पहनें।
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बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से विशेष बचाव की आवश्यकता है।
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फसल और पशुधन से जुड़े किसानों को शीतलहर के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में सर्दी का यह दौर आने वाले हफ्तों में और तीखा हो सकता है। सबसे अधिक असर उत्तरी जिलों में देखने को मिलेगा, जहां तापमान लगातार गिर रहा है और शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है।


