शीतलहर का असर: बीकानेर में कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 10 जनवरी तक अवकाश, जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने जारी किए आदेश
बीकानेर स्कूल अवकाश शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के हित में अहम निर्णय लिया है। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बीकानेर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने कक्षा आठवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 8 जनवरी से 10 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शीतलहर के कारण छोटे बच्चों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से जिले के समस्त राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों में यह अवकाश लागू रहेगा। इसमें CBSE विद्यालय, मदरसे और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बीकानेर स्कूल अवकाश शीतलहर के तहत यह छुट्टी केवल कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रभावी होगी। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं जारी रहेंगी, लेकिन उनका शैक्षणिक समय परिवर्तित कर दिया गया है। अब इन कक्षाओं का संचालन प्रातः 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा।
जिला कलेक्टर द्वारा यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अध्याय 4 की धारा 30 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि विद्यालयों के कार्मिक और शिक्षक निर्धारित समयानुसार उपस्थित रहेंगे। यानी अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा, शिक्षकों और स्टाफ पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रशासन ने जिले के सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए। यदि कोई संस्था प्रधान इन निर्देशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर स्कूल अवकाश शीतलहर की घोषणा के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। ठंड के इस दौर में छोटे बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल भेजने को लेकर अभिभावक लंबे समय से चिंता जता रहे थे। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी विद्यालयों से आदेशों के पालन की रिपोर्ट नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।


