अनुराग सेवा संस्थान ने घोषित किए राष्ट्रीय सम्मान, बीकानेर के साहित्यकार रवि पुरोहित को ‘अखिल भारतीय अनुराग साहित्य सम्मान 2025’
अनुराग सेवा संस्थान, लालसोट ने अपने 31वें स्थापना वर्ष पर अखिल भारतीय अनुराग साहित्य सम्मान 2025 की घोषणा की। 11 राज्यों के 31 साहित्यकार सम्मानित होंगे। बीकानेर के साहित्यकार रवि पुरोहित को उनकी कृति ‘आग अभी शेष है’ पर चुना गया है।
अनुराग सेवा संस्थान ने घोषित किए राष्ट्रीय सम्मान, बीकानेर के साहित्यकार रवि पुरोहित को ‘अखिल भारतीय अनुराग साहित्य सम्मान 2025’
बीकानेर। 4 दिसंबर 2025
अनुराग सेवा संस्थान, लालसोट ने अपने गौरवपूर्ण इकतीस वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अनुराग–31’ कार्यक्रमों के तहत अखिल भारतीय अनुराग साहित्य सम्मान 2025 की घोषणा कर दी है। इस वर्ष 11 राज्यों के 31 चयनित साहित्यकारों को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।
संस्थान के अंतर्गत साहित्य, संस्कृति, बौद्धिक विमर्श, खेल, सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण व लोक-संस्कृति जैसे विविध विषयों पर 31 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संस्थान की प्रेस सचिव अनिल नीमला ने बताया कि इस वर्ष राजस्थान सहित कई राज्यों से प्राप्त नामांकन के बाद चयन समिति ने 31 साहित्यकारों को सम्मान के लिए चुना है। बीकानेर के चर्चित साहित्यकार रवि पुरोहित को उनकी लोकप्रिय काव्य कृति ‘आग अभी शेष है’ के लिए अखिल भारतीय अनुराग साहित्य सम्मान हेतु चयनित किया गया है।
रवि पुरोहित इससे पूर्व भी साहित्य अकादमी, दिल्ली; राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर; राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर सहित देश-विदेश की अनेक संस्थाओं से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2017–18 में International Poetic Project, Poland में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था।
20 दिसंबर को लालसोट में भव्य समारोह
सम्मान समारोह 20 दिसंबर को लालसोट में भव्य सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित होगा। समारोह में पुरोहित को नगद राशि, श्रीफल, शॉल, सम्मान-पत्र, स्मृति चिह्न तथा कलम प्रदान की जाएगी।
31 साहित्यकारों की विस्तृत सूची
इस आयोजन में देशभर के विख्यात साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें प्रमुख नाम हैं—
-
पद्मश्री डॉ. रवीन्द्र कुमार, मेरठ – अनुराग साहित्य श्री सम्मान 2025
-
डॉ. पदम सिंह पदम (मैनपुरी),
-
डॉ. रामकुमार घोटड़ (चूरू),
-
डॉ. प्रबोध कुमार गोविल (जयपुर),
-
डॉ. अखिलेश निगम (लखनऊ),
-
जगदीश मोहन रावत (जयपुर),
-
श्याम प्रकाश देवपुरा (श्रीनाथद्वारा),
-
डॉ. आर. पी. सारस्वत (मुंबई),
-
रामनारायण शर्मा (श्रीगंगानगर),
-
शील कौशिक (सिरसा),
-
डॉ. मनीषा शर्मा (कोटा),
-
देवेन्द्र कुमार मिश्रा (जबलपुर),
-
विष्णु शर्मा ‘हरिहर’ (कोटा),
-
डॉ. नीना छिब्बर (जोधपुर),
-
अटल राम चतुर्वेदी (मथुरा),
-
अमर बानियां लोहारो (सिक्किम),
-
एकता अमित व्यास (कच्छ, गुजरात),
-
डॉ. प्रदीप शर्मा (रायपुर),
-
नीलम राकेश (लखनऊ),
आदि।
इसके अतिरिक्त दौसा जिले से विनोद गौड़, अनुराग प्रेमी, कृष्णा सैनी और बुद्धिप्रकाश महावर को विशिष्ट सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इस राष्ट्रीय आयोजन ने राजस्थान और देशभर के साहित्य जगत में उत्साह का संचार किया है। यह आयोजन हिंदी साहित्य को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


