पुष्करणा दिवस पर पांच दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन, प्रतियोगिताएं, सम्मान समारोह और मां उष्टवाहिनी का पूजन होगा
पुष्करणा दिवस 2026 के अवसर पर बीकानेर में 22 से 26 अगस्त तक पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। पुष्करणा मेले, रंगोली, मेहंदी मांडणा, हास्य कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह, दीपदान और मां उष्टवाहिनी पूजन सहित कई आयोजन होंगे।
पुष्करणा दिवस पर पांच दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन, प्रतियोगिताएं, सम्मान समारोह और मां उष्टवाहिनी का पूजन होगा
✍️ नितिन खत्री | MyCityDilSe.com
बीकानेर। पुष्करणा समाज के उत्पत्ति दिवस के अवसर पर श्री पुष्करणा प्रन्यास एवं आयोजन समिति के तत्वावधान में 22 से 26 अगस्त तक पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में पुष्करणा मेला, विभिन्न प्रतियोगिताएं, हास्य कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह, विचार गोष्ठियां, दीपदान और मां उष्टवाहिनी का विशेष पूजन शामिल रहेगा।
कार्यक्रमों के पोस्टर का विमोचन शनिवार को पंडित जुगल किशोर ओझा के सानिध्य में जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुनील हर्ष, गोकुल जोशी एवं सीए महेंद्र चूरा ने किया।
आयोजन से जुड़े अनिल आचार्य ने बताया कि पांच दिवसीय कार्यक्रमों का शुभारंभ 22 अगस्त को दोपहर 1 बजे पुष्करणा मेले से होगा। सभी प्रमुख कार्यक्रम स्थानीय पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। मेले में समाज की महिलाओं द्वारा निर्मित विभिन्न व्यावसायिक वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए करीब 50 स्टॉल लगाए जाएंगे। स्टॉल की बुकिंग 12 अगस्त तक की जा रही है।
कार्यक्रम संयोजक अनिल पुरोहित ने बताया कि 22 अगस्त की शाम पारंपरिक गीतों का आयोजन होगा, जिसमें महिलाएं विभिन्न संस्कारों एवं अवसरों पर गाए जाने वाले मांगलिक गीत प्रस्तुत करेंगी। इसी दौरान पिछले 40 वर्षों में योगदान देने वाली समाज की शैक्षणिक संस्थाओं के संचालकों का सम्मान भी किया जाएगा।
रंगोली और मेहंदी मांडणा प्रतियोगिता
23 अगस्त को दोपहर में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसमें समाज की कन्याएं एवं महिलाएं अलग-अलग मोहल्लों में रंगोली सजाएंगी। सर्वश्रेष्ठ रंगोली बनाने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। शाम को हास्य कवि सम्मेलन होगा, जिसमें समाज के कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे।
24 अगस्त को मेहंदी मांडणा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसी दिन वरिष्ठ साहित्यकारों तथा अपने क्षेत्र में 25 वर्ष पूरे कर चुके पत्रकारों का सम्मान किया जाएगा। इसके बाद ‘समाज की दशा और दिशा’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें प्रबुद्धजन अपने विचार रखेंगे।
महिलाओं के लिए पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता
कार्यक्रम के चौथे दिन 25 अगस्त को महिलाओं के लिए विशेष पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। शाम को पुष्करणा स्टेडियम में दीपदान कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही 65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं का सम्मान एवं विचार गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी।
26 अगस्त को मां उष्टवाहिनी का विशेष पूजन
पुष्करणा दिवस के अवसर पर 26 अगस्त को सुबह मुरलीधर रोड स्थित मां उष्टवाहिनी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना एवं महाआरती की जाएगी।
दोपहर में ‘आया सावन झूम के’ पारंपरिक नृत्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके बाद वेद पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। देर शाम समाज के लोगों के लिए सामूहिक प्रसाद का आयोजन होगा।
आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है, जिसमें राजस्थान पुष्टिकर विंग, पुष्करणा महिला मंडल सहित विभिन्न जातियों के ट्रस्ट, संस्थाओं एवं समितियों के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पोस्टर विमोचन के अवसर पर रासबिहारी जोशी, बद्री दास जोशी, महेंद्र व्यास, वीरेंद्र किराडू, राजकुमारी व्यास, आरती आचार्य, शिवराज व्यास, दिनेश चूरा, एडवोकेट अजय व्यास, शारदा पुरोहित, अर्चना थानवी, सेनूका हर्ष, सुमन ओझा, प्रेम शंकर रंगा, नवरत्न व्यास, शशि व्यास, विजय भादाणी एवं विजय पुरोहित सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे।
पांच दिवसीय आयोजन के माध्यम से पुष्करणा समाज की परंपरा, संस्कृति, साहित्य, कला और सामाजिक एकता को मंच प्रदान करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


