बीकानेर में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तार व्याख्यान, विशेषज्ञों ने तनाव से निपटने और योग से मानसिक संतुलन पर दिया जोर

बीकानेर में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र और योग विभाग ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर व्याख्यान आयोजित किया। विशेषज्ञों ने तनाव, योग, आत्म-देखभाल और मानसिक संतुलन पर चर्चा की।

बीकानेर में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तार व्याख्यान, विशेषज्ञों ने तनाव से निपटने और योग से मानसिक संतुलन पर दिया जोर
.
MYCITYDILSE

बीकानेर में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तार व्याख्यान, विशेषज्ञों ने तनाव से निपटने और योग से मानसिक संतुलन पर दिया जोर

बीकानेर, 24 अगस्त 2026। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के महिला अध्ययन केंद्र एवं योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर “Mental Health and Women: Breaking Stigma and Building Resilience” विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन योग विभाग के मेडिटेशन हॉल में हुआ।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, भावनात्मक चुनौतियों, आत्म-देखभाल, योग और सकारात्मक जीवन-दृष्टि जैसे विषयों पर विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

मानसिक रूप से सशक्त महिलाओं से ही होगा समग्र विकास

सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज की डायरेक्टर डॉ. सीमा शर्मा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं मानसिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव होगा।

उन्होंने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और मानसिक समस्याओं को लेकर समाज में मौजूद झिझक को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मानसिक स्वास्थ्य पर मौन तोड़ना जरूरी

मुख्य वक्ता डॉ. रिधि डूमरा ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर विचार रखते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर मौन तोड़ना उपचार की दिशा में पहला कदम है।

उन्होंने तनाव, अवसाद और भावनात्मक चुनौतियों को छिपाने के बजाय संवाद, सहयोग और आत्म-देखभाल को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि समय रहते अपनी भावनाओं को समझना और जरूरत पड़ने पर सहयोग लेना मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

योग से मन और शरीर में संतुलन

विशिष्ट अतिथि एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के योग विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्याख्यान विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, आत्मबल और सकारात्मक जीवन-दृष्टि विकसित करने में सहायक होते हैं।

योग विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार दुलार ने कहा कि योग मन, शरीर और भावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायक है। नियमित योगाभ्यास मानसिक शांति और जीवन में लचीलापन विकसित करने का प्रभावी माध्यम हो सकता है।

मंत्रों और योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा

कार्यक्रम का संचालन सपना बेरवाल ने किया। उन्होंने मंत्रों की आध्यात्मिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य में भूमिका के बारे में जानकारी दी।

डॉ. वत्सला गुप्ता ने योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के विषय पर विचार रखे। उन्होंने नियमित योगाभ्यास और जीवनशैली में सकारात्मक बदलावों के महत्व को समझाया।

प्रियंका रघुवंशी ने महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान जीवन में मानसिक स्वास्थ्य और सामंजस्य की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. हितेन्द्र मारु ने कुछ योगासनों का अभ्यास करवाया और मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व को समझाया। इसके बाद सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

योग विभाग के विद्यार्थी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में योग विभाग के विद्यार्थियों प्रियंका बहेती, दीक्षिता जोशी, कुनाल, योगिता, मोनिका, गिरिराज, गणेश, विजयश्री, अंकित, दीपक सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आयोजित यह व्याख्यान विद्यार्थियों और उपस्थितजनों के लिए जागरूकता एवं सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

MyCityDilse | Bikaner News