नेशनल गोल्ड विजेता रविंद्र कुकणा बोसिया गेम इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना

बीकानेर के दिव्यांग खिलाड़ी रविंद्र कुकणा ने नेशनल बोसिया गेम में गोल्ड मेडल जीतकर अब ऑस्ट्रेलिया में होने वाली इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रस्थान किया है।

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नेशनल गोल्ड विजेता रविंद्र कुकणा बोसिया गेम इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना
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नेशनल गोल्ड विजेता रविंद्र कुकणा बोसिया गेम इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना

बीकानेर। शहर के लिए गर्व का क्षण — जब बीकानेर के दिव्यांग खिलाड़ी रविंद्र कुकणा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना हुए।
एसएमएस दिव्यांग सेवा संस्था, बीकानेर से जुड़े रविंद्र ने हाल ही में बोसिया पैरा गेम के राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया था। अब वे ऑस्ट्रेलिया में आयोजित इंटरनेशनल बोसिया प्रतियोगिता में भारत की ओर से भाग लेंगे।

दृढ़ संकल्प की मिसाल:
रविंद्र कुकणा ने यह सिद्ध किया है कि दिव्यांगता सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि प्रेरणा बन सकती है। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले, परिश्रम और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया।

संस्था और समाज का सहयोग:
इस उपलब्धि के पीछे उनके कोच जय किशन गोदारा की लगातार मेहनत और प्रशिक्षण का अहम योगदान रहा।
वहीं, एसएमएस दिव्यांग सेवा संस्था की अध्यक्ष मंजू गुलगुलिया ने हर कदम पर समर्थन और प्रोत्साहन दिया।
इसके अलावा, जैन यूथ क्लब बीकानेर ने उन्हें खेल सामग्री और बोसिया गेम किट प्रदान की, जबकि पेंशनर इंजीनियर समिति ने उन्हें एक विशेष व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई, जिससे उनके प्रशिक्षण में सहूलियत हुई।

बीकानेर और राजस्थान का गौरव:
रविंद्र कुकणा की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि ने बीकानेर और राजस्थान दोनों का नाम राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोशन किया है।
स्थानीय खेल प्रेमियों और समाजसेवियों ने रविंद्र को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा कई अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

संस्था की प्रेरणादायक भूमिका:
एसएमएस दिव्यांग सेवा संस्था बीकानेर वर्षों से विशेष जरूरतमंद बच्चों और दिव्यांग खिलाड़ियों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। संस्था की प्रेरणा और सहयोग रविंद्र जैसे खिलाड़ियों के लिए शक्ति का स्तंभ साबित हुई है।

रविंद्र का संदेश:
रविंद्र कुकणा ने कहा कि “अगर आप ठान लें, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मैं इस जीत को अपने कोच, संस्था और बीकानेर की जनता को समर्पित करता हूं।”

बीकानेर के लोगों में गर्व और खुशी का माहौल है। हर कोई इस बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है, जिसने साबित किया है कि असली जीत आत्मविश्वास और लगन से मिलती है।