बीकानेर में बिजली कंपनी अधिकारी पर तलवार से हमला, अवैध कनेक्शन काटने गए थे BKESL अधिकारी, दो आरोपी गिरफ्तार

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बीकानेर में बिजली कंपनी अधिकारी पर तलवार से हमला, अवैध कनेक्शन काटने गए थे BKESL अधिकारी, दो आरोपी गिरफ्तार
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बीकानेर बिजली अधिकारी पर हमला मामला सामने आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई है। अवैध बिजली कनेक्शन काटने गई बिजली कंपनी के अधिकारी पर तलवार से हमला करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं।

यह घटना बीकानेर में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई। बीकेईएसएल के अधिकारी लक्ष्मण चौधरी अपने सहायक अभियंता के साथ गैरसरिया और पठानों के मोहल्ले में अवैध बिजली हुकिंग हटाने पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासी अकबर और उसकी भानजी शौकत के अवैध कनेक्शन भी काटे गए।

कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, इसी कार्रवाई से नाराज होकर अकबर ने लक्ष्मण चौधरी को खुलेआम धमकी दी। उसने कहा कि ऑफिस के बाहर आओ, जान से मार देंगे। बताया गया कि अकबर पिछले करीब एक महीने से लक्ष्मण को जान से मारने की धमकियां दे रहा था।

घटना वाले दिन शाम को अकबर अपने दो अन्य साथियों के साथ आया और लक्ष्मण चौधरी पर तलवार से हमला कर दिया। हमले में लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शौकत को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी अकबर और सिकंदर को 7 जनवरी को गिरफ्तार कर अगले दिन अदालत में पेश किया गया। मामला एसीजेएम कोर्ट में सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया गया।

अदालत में दोनों आरोपियों की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, जिसका बिजली कंपनी की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट तेज करण सिंह ने विरोध किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी और पहले एक दिन की पुलिस रिमांड दी। इसके बाद दोनों आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें हत्या का प्रयास, लोक सेवक को उसके कर्तव्य का पालन करने से रोकने के इरादे से जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना सहित अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

बीकानेर बिजली अधिकारी पर हमला मामला ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा कितनी जरूरी है। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और अर्धसरकारी कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।