पिता 5वीं पास, परिवार में कोई पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन तीनों भाई-बहन बन गए डॉक्टर

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पिता 5वीं पास, परिवार में कोई पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन तीनों भाई-बहन बन गए डॉक्टर

पिता 5वीं पास, परिवार में कोई पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन तीनों भाई-बहन बन गए डॉक्टर

ऐसा परिवार जिन्हें मूलभूत सुविधाएं यानी बिजली , पानी जैसी सुविधाएं भी नहीं मिली लेकिन उसके बावजूद भी 3 साल में तीन भाई, बहनों ने रिकॉर्ड तोड़ डालें । हम बात कर रहे हैं राजस्थान के झालावाड़ जिले में रहने वाले दो भाई और एक बहन की । उनके पिता पांचवी पास है और किसान है । मां अनपढ़ है ।‌परिवार में और कोई पढ़ा लिखा नहीं है लेकिन 3 साल में तीनों बहन भाई डॉक्टर बन गए हैं और डॉक्टरी शुरू कर दी है ।

दो कमरों के कच्चे घर में रहता पूरा परिवार
दरअसल झालावाड़ जिले की खानपुर तहसील में चलेट गांव में रहने वाले राजेंद्र कुमार और उनके परिवार की है । कहानी है राजेंद्र के दो बेटे और एक बेटी है । मकान के नाम पर उनके पास दो कमरे हैं, जिनमें एक कमरे में पशुओं का चारा भरा है । दूसरे कमरे में परिवार के पांचो सदस्य टीनशैड के नीचे रहते हैं ।

तीनों बच्चों ने पास की नीट परीक्षा
परिवार में राजेंद्र के अलावा पत्नी मनभर देवी, बेटी अंजलि , बेटा अविनाश और अजय है । पिता किसानी करते हैं और मां बच्चों के लिए कोटा में खाना बनाती है। 3 साल में तीनों बच्चों ने कोटा में रहकर पढ़ाई की और तीनों ही नीट परीक्षा पास करने के साथ डॉक्टर बंन रहे हैं ।

जानिए नीट में किसे मिली कितनी रैंक
अंजलि नागर की बात की जाए तो अंजलि ने 2022 में , छोटे भाई अविनाश ने 2023 में और सबसे बड़े भाई अजय ने हाल ही 2024 में नीट परीक्षा क्लियर कर ली है। अंजलि गुजरात के आयुर्वेद कॉलेज से डॉक्टरी कर रही है । जबकि अविनाश झारखंड में रहकर एमबीबीएस कर रहे हैं। अब अजय के लिए कॉलेज तलाशा जा रहा है । अजय ने हाल ही में नित कलियर की है ओबीसी वर्ग में उसकी 9203 रैंक आई है और 661 नंबर अजय ने हासिल किए हैं ।

पिता बोले-गरीब के बच्चे भी सफल होते हैं...
अजय के पिता राजेंद्र का कहना है कि ऐसा सपने में भी कोई नहीं सोच सकता कि गरीब व्यक्ति के तीनों बच्चे डॉक्टर बन जाए। लेकिन तीनों बच्चों ने समाज ही नहीं देश में नाम कर दिया है। चलेट गांव को कोई नहीं जानता था, लेकिन अब बच्चों के नाम से गांव पहचाना जा रहा है।

Father is 5th pass, no one in the family is educated, but all three siblings became doctors

A family that did not even get basic facilities like electricity, water, but despite that, three siblings broke records in 3 years. We are talking about two brothers and a sister living in Jhalawar district of Rajasthan. Their father is 5th pass and a farmer. Mother is illiterate. No one else in the family is educated, but in 3 years, all three siblings have become doctors and started practicing medicine.

The whole family lives in a two-room kutcha house

Actually, this is the story of Rajendra Kumar and his family living in Chalet village in Khanpur tehsil of Jhalawar district. Rajendra has two sons and a daughter. He has two rooms in the name of house, in which one room is filled with animal fodder. In the other room, all five members of the family live under a tin shed.

All three children passed the NEET exam

Apart from Rajendra, the family consists of wife Manbhar Devi, daughter Anjali, son Avinash and Ajay. The father is a farmer and the mother cooks food for the children in Kota. In 3 years, all three children studied in Kota and all three are becoming doctors after passing the NEET exam.

Know who got what rank in NEET

If we talk about Anjali Nagar, Anjali cleared the NEET exam in 2022, younger brother Avinash in 2023 and the eldest brother Ajay recently cleared the NEET exam in 2024. Anjali is doing medicine from an Ayurvedic college in Gujarat. While Avinash is doing MBBS while living in Jharkhand. Now a college is being searched for Ajay. Ajay has recently passed NEET Kaliyar, he has got 9203 rank in OBC category and Ajay has secured 661 marks.

Father said- Children of poor people also become successful...
Ajay's father Rajendra says that no one can even think in dreams that all three children of a poor person become doctors. But all three children have made a name not only in the society but also in the country. No one knew Chalet village, but now the village is being recognized by the names of the children.