सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार से 51 करोड़ का चढ़ावा, सोना–चांदी भी रिकॉर्ड मात्रा में मिला
मेवाड़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार भंडार से रिकॉर्ड 51 करोड़ रुपये, 1 किलो 204 ग्राम सोना और 207 किलो 793 ग्राम चांदी प्राप्त हुई। दो माह बाद खुले भंडार ने इतिहास रच दिया।
सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार से 51 करोड़ का चढ़ावा, सोना–चांदी भी रिकॉर्ड मात्रा में मिला
मेवाड़ के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार चढ़ावे ने इतिहास रच दिया है। दो माह बाद खुला भंडार भक्तों की अटूट आस्था और बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण बन गया। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार भंडार से कुल 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपये, एक किलो 204 ग्राम सोना और 207 किलो 793 ग्राम चांदी प्राप्त हुई है। यह अब तक के सबसे बड़े चढ़ावों में से एक माना जा रहा है।
भंडार की गणना 19 नवंबर से शुरू हुई और यह प्रक्रिया छह चरणों में पूरी की गई। पहले चरण में 12.35 करोड़, दूसरे चरण में 8.54 करोड़, तीसरे चरण में 7.08 करोड़, चौथे चरण में 8.15 करोड़, पाँचवें चरण में 4.19 करोड़ और अंतिम चरण में 41 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। केवल दानपात्रों से प्राप्त कुल राशि 40 करोड़ 74 लाख 40 हजार रुपये रही।
इस बार ऑनलाइन माध्यमों, मनीऑर्डर और भेंट कक्ष से प्राप्त राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। मंदिर को 10 करोड़ 52 लाख 89 हजार रुपये ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से प्राप्त हुए, जो कुल प्राप्ति को 51 करोड़ से ऊपर ले गए। यह लगातार बढ़ता चढ़ावा मंदिर की बढ़ती ख्याति और भक्तों की गहरी आस्था का परिचायक है।
भंडार से सोने और चांदी की भारी मात्रा भी प्राप्त हुई। दानपात्र से निकला सोना 985 ग्राम था, जबकि भेंट कक्ष से 219 ग्राम 400 मिलीग्राम सोना मिला। इस प्रकार कुल सोना 1 किलो 204 ग्राम 400 मिलीग्राम रहा। इसी प्रकार चांदी की मात्रा दानपात्र से 86 किलो 200 ग्राम और भेंट कक्ष से 121 किलो 593 ग्राम रही, जो कुल मिलाकर 207 किलो 793 ग्राम है।
भंडार खोलने और गणना की पूरी प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम और मंदिर प्रशासन की विशेष निगरानी में यह कार्य किया गया। प्रत्येक चरण में अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
सांवलिया सेठ मंदिर मेवाड़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। त्योहारों और विशेष मेलों के समय यह संख्या कई गुना तक पहुँच जाती है। भंडार का यह रिकॉर्ड आने वाले समय में मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और भक्तों की भावनाओं को दर्शाता है।
51 crore rupees worth of offerings were received from the Sanwaliya Seth temple treasury, along with record amounts of gold and silver.
This year, the donations received at the renowned Krishna Dham Shri Sanwalia Seth Temple in Mewar have created history. The treasury, opened after two months, proved the devotees' unwavering faith and growing popularity. According to official information released by the temple administration, a total of ₹512 million (512,730,112), 1 kg 204 grams of gold, and 207 kg 793 grams of silver were received from the treasury. This is considered one of the largest donations ever.
The counting of the treasury began on November 19th and was completed in six phases. The first phase yielded ₹12.35 crore (123.5 million rupees), the second ₹85.4 million (85.4 million rupees), the third ₹70.8 million (70.8 million rupees), the fourth ₹81.5 million (41.9 million rupees), the fifth ₹41.4 million (407.4 million rupees), and the final ₹41.4 million (407.4 million rupees).
This year, there was a significant increase in the amount received through online channels, money orders, and the donation box. The temple received ₹105.28 million online and through other means, bringing the total to over ₹51 crore. This steadily increasing donation reflects the temple's growing fame and the deep faith of devotees.
A large quantity of gold and silver was also recovered from the treasury. The gold recovered from the donation box weighed 985 grams, while the gold recovered from the donation box was 219 grams and 400 milligrams. Thus, the total amount of gold recovered was 1 kilogram, 204 grams and 400 milligrams. Similarly, the silver recovered from the donation box was 86 kilograms and 200 grams, and from the donation box was 121 kilograms, 593 grams, for a total of 207 kilograms, 793 grams.
The entire process of opening the treasury and counting was carried out under tight security. This work was carried out under the close supervision of Additional District Collector and Chief Executive Officer Prabha Gautam and the temple administration. The presence of officials, staff, and volunteers was ensured at every stage, ensuring transparency.
The Sanwalia Seth Temple is considered a symbol of faith and belief not only in Mewar but throughout the country. The number of devotees visiting the temple is increasing every year. During festivals and special fairs, this number swells manifold. This record of the storehouse reflects the growing popularity of the temple and the sentiments of the devotees in the coming times.


