बीकानेर–दिल्ली कैंट वंदे भारत पर पत्थरबाजी का खुलासा, RPF ने 12 वर्षीय बालक को किया निरुद्ध

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बीकानेर–दिल्ली कैंट वंदे भारत पर पत्थरबाजी का खुलासा, RPF ने 12 वर्षीय बालक को किया निरुद्ध
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वंदे भारत एक्सप्रेस पत्थरबाजी मामला का रेलवे सुरक्षा बल ने खुलासा कर दिया है। बीकानेर–दिल्ली कैंट रूट पर चलने वाली इस प्रीमियम ट्रेन पर हुए हमले से यात्रियों में दहशत फैल गई थी। 6 जनवरी 2026 को श्रीडूंगरगढ़ और बिग्गा के बीच ट्रेन का शीशा टूटने की घटना सामने आई थी, जिसे आरपीएफ ने गंभीरता से लिया।

जानकारी के अनुसार, 6 जनवरी को जब वंदे भारत एक्सप्रेस श्रीडूंगरगढ़–बिग्गा रेलखंड से गुजर रही थी, तभी अचानक एक कोच का विंडो ग्लास क्रेक हो गया। घटना के समय ट्रेन में मौजूद रेलवे सुरक्षा बल के स्टाफ ने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के बाद रतनगढ़ चौकी में रेल अधिनियम की धारा 153 और 147 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक सुभाष बिश्नोई के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

वंदे भारत एक्सप्रेस पत्थरबाजी मामला की तह तक जाने के लिए जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। वंदे भारत एक्सप्रेस के सीसीटीवी फुटेज को बीकानेर स्थित वाशिंग लाइन से मंगवाकर बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसके साथ ही स्थानीय इनपुट और मौके की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया गया।

इन सभी साक्ष्यों के आधार पर आरपीएफ टीम ने इस घटना में संलिप्त एक 12 वर्षीय बालक की पहचान की। बालक को नियमानुसार निरुद्ध किया गया है और आगे की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम के तहत की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के पीछे किसी संगठित साजिश के संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं, लेकिन मामले की हर एंगल से जांच जारी है।

आरपीएफ अधिकारियों ने साफ कहा है कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम और हाई-स्पीड ट्रेनों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील रेलखंडों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

वंदे भारत एक्सप्रेस पत्थरबाजी मामला के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि उन्हें यात्रा के दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत आरपीएफ या रेलवे स्टाफ को सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।