पूर्व भारतीय मुक्केबाज डिंग्को सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। डिंग्को सिंह ने 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इस खबर की पुष्टि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने की, जिन्होंने एक ट्वीट किया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने ट्वीट किया, “मैं आज सुबह एन डिंग्को सिंह के निधन से स्तब्ध और गहरा दुखी हूं। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डिंग्को सिंह मणिपुर के अब तक के सबसे उत्कृष्ट मुक्केबाजों में से एक थे। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी सच्ची संवेदना। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू और मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्‍होंने ट्वीट किया, “डिंग्को सिंह के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन मुक्केबाजों में से एक, 1998 के बैंकाक एशियाई खेलों में डिंको के स्वर्ण पदक ने भारत में बॉक्सिंग चेन रिएक्शन को जन्म दिया। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। आरआईपी डिंको।”

बॉक्‍सर विजेंदर ने लिखा कि डिंको की जीवन यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। विजेंदर ने ट्वीट किया, “इस नुकसान पर मेरी गहरी संवेदनाएं। उनके जीवन की यात्रा और संघर्ष हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहें। मैं प्रार्थना करता हूं कि शोक संतप्त परिवार को इस दुख और शोक से उबरने की शक्ति मिले।”

डिंग्को सिंह ने 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, जिसने बैंटमवेट डिवीजन में एशियाई खेलों की मुक्केबाजी जीत के लिए भारत के 16 साल के इंतजार को समाप्त कर दिया।

डिंग्‍को को साल 2017 में लीवर कैंसर का पता चला था। कैंसर का पता चलने के बाद डिंग्को को इलाज के लिए पैसे जुटाने के लिए अपना घर बेचना पड़ा और एनआईएस पटियाला में अपनी नौकरी भी छोड़नी पड़ी। जनवरी 2017 में उनकी सर्जरी हुई, जहां उनके लीवर का एक बड़ा हिस्सा निकाल दिया गया।

उन्होंने पिछले साल कोविड-19 के लिए भी सकारात्मक परीक्षण किया था, लेकिन ठीक हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए इंफाल से दिल्ली भी एयरलिफ्ट किया गया था।

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