कोरोनावायरस के पहले और दूसरे लहर से बचने के लिए अभी तक मास्क, सोशल डिस्टेसिंग और वेक्सीन ही एक मात्र सहारा था लेकिन इसी बीच भारत में नेजल स्प्रे भी आ रही हैं जिसका उपयोग कोरोना से बचने के लिए किया जाएगा।

बतां दें कि हाल ही में इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देश को संबोधित करते हुए दी थी। वहीं अब इसे लेकर हर किसी के मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं, कि यह कैसे काम करेगी, इसका कितना प्रभाव रहेगा तो आईए जानते हैं इसके बार में-

जानिए, क्‍या है नेजल स्‍प्रे वैक्‍सीन –
कोरोना से बचने के लिए अभी तक सरकार लोगों को वैक्सीन लगी रही है, लेकिन इसी बीच अब बहुत जल्द नेजल वैक्सीन नाक से स्प्रे करके दी जाएगी।

नेजल स्प्रे का लक्ष्य है कि वैक्सीन के डोज को सीधा सांस के रास्ते पहुंचाया जाए ताकि यह वैक्सीन सीधा उस जगह को अपना निशाना बनाए जहां से कोविड-19 इंफेक्शन शरीर को अपने चपेट में लेना शुरू किया था।

चूहे में संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी साबित हुआ था नेजल स्प्रे-
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल वैज्ञानिकों ने कोविड-19 को जड़ से हटाने के लिए वैक्सीन का निर्माण किया था जिससे नाक के जरिए दिया जा सके। वैज्ञानिकों का यह प्रयोग चूहे में संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी साबित हुआ था। नेजल स्प्रे शरीर में अधिक इम्यून रिस्पांस को बढ़ावा भी देता है।

नेजल स्प्रे का प्रयोग सफल रहा, तो भारत में बच्चों के लिए गेम चेंजर साबित होगा-
विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने भी यह कहा था कि अगर भारत में नेजल स्प्रे का प्रयोग सफल रहेगा तो यह बच्चों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। बता दें कि भारत बायोटेक जैसी कंपनी नेजल स्प्रे के रिसर्च में लगी हुई है। भारत बायोटेक की इंट्रानसल वैक्सीन BBV154 फिलहाल क्लिनिकल ट्रायल में है।

 

नेजल स्प्रे के फायदे-

-विशेषज्ञों के अनुसार, नेजल‌ वैक्सीन का फायदा हेल्थ केयर वर्कर्स को होगा क्योंकि इस तरह वैक्सीन देने के लिए किसी हेल्थ केयर वर्कर की जरूरत नहीं पड़ती है। इस वैक्सीन को बनाने के लिए कोरोनावायरस के कमजोर शक्ल का उपयोग किया जाता है।

-नेजल वैक्सीन सीधा उस जगह को प्रभावित करती है जहां से कोरोनावायरस शरीर में फैलना शुरू होता है। इस जगह को अपना निशाना बना कर वह मजबूत इम्यून रिस्पांस को बढ़ावा देता है जिससे वायरस के खिलाफ सुरक्षा मिलती है और उसके ट्रांसम‍िशन पर रोक लगाती है।

-नेजल स्प्रे वायरस लंग्स को क्षति पहुंचाने में असक्षम है। इसके साथ बच्चों को कोरोनावायरस के तीसरे लहर से बचाने के लिए भी यह वैक्सीन मददगार साबित हो सकती है।

कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकती है नेजल वैक्सीन-
जानकारों के मुताबिक, भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन अभी ह्यूमन ट्रायल के पहले चरण में है। कंपनी द्वारा यह बताया जा रहा है कि नेजल वैक्सीन कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकती है तथा उसके खिलाफ प्रभावी साबित होती है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि भारत बायोटेक साल के अंत तक 10 करोड़ नेजल वैक्सीन का उत्पादन कर सकती है।

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