राजस्‍थान की अशोक गहलोत सरकार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाने वाले बहुचर्चित बाड़मेर कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले (Kamlesh Prajapat encounter case) की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीआई से जांच (CBI Investigation) कराने वाली फाइल को मंजूरी दे दी है. अब राज्य का गृह विभाग जल्द ही केंद्र सरकार को सिफारिश की चिट्ठी भेजेगा.

इन कागजी कार्रवाइयों के बाद यह सीबीआई पर निर्भर करता है कि वह राज्य सरकार के निर्णय को स्वीकार करती है या अस्वीकार. करीब 1 सप्ताह पहले राज्य के गृह विभाग ने

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले से जुड़ी फाइल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजी थी. मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद गृह विभाग अब जरूरी दस्तावेज और आवश्यक कार्रवाई करने में जुट गया है. माना जा रहा है कि एक-दो दिन में गृह विभाग केंद्र सरकार को सिफारिश की चिट्ठी भेज देगा. फिलहाल कमलेश एनकाउंटर की जांच सीआईडी-सीबी कर रही है.

विधायक मदन प्रजापत ने की थी मांग

बाड़मेर के पचपदरा से कांग्रेस विधायक मदन प्रजापत सहित प्रजापत समाज के गणमान्य लोगों ने कमलेश एनकाउंटर पर सवाल उठाया था. उन्होंने इसकी सीबीआई जांच की मांग की थी. हाल ही में विधायक मदन प्रजापत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस संबंध में मुलाकात की थी. उस दौरान सीएम ने मामले की सीबीआई से जांच करवाने पर सहमति दी थी. उसके बाद मुख्यमंत्री ने अब मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मंजूरी दे दी है.

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से खुली पोल

तस्कर कमलेश प्रजापत का 22 अप्रैल की रात को पुलिस एनकाउंटर हुआ था. एनकाउंटर से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद य‍ह सवालों के घेरे में आ गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कमलेश को 4 गोली लगी थी. चारों गोली लेफ्ट साइड से लगी थी. एक भी गोली पांव पर नहीं लगी है. चारों गोली कमर और कमर से ऊपर लगी है. पुलिस की बताई कहानी की पोल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी थी.

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