बीकानेर। म्यूकर माइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का प्रकोप बीकानेर में भी गहराता जा रहा है। यह फंगस नाक के रास्ते आंखों से होते हुए दिमाग तक पहुंच जाए तो जिंदगी बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जल्द पहचानकर फंगस को आगे बढऩे से रोकने के लिए उस पूरे हिस्से को सर्जरी कर हटाना और एम्फोटेरेसिन इंजेक्शन देना ही अभी इसका उपचार है।

बीकानेर में इस लिहाज से बुधवार को इस बीमारी की दो तस्वीरें सामने आई हैं। पहली तस्वीर राहत भरी रही। जहां इस बीमारी से पीडि़त महिला की बीकानेर में पहली सर्जरी करते हुए आंख निकाल दी गई और फंगस को दिमाग तक पहुंचने से रोक दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। इससे इतर दो ऐसे रोगियों की मौत हो गई, जिनके दिमाग में फंगस पहुंच चुका था। वहीं दो अन्य रोगियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
चूरू जिले की भंवरीदेवी (60) को कोविड हुआ। निगेटिव होने के बाद भी हालत नहीं सुधरी। पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती किया। यहां धीरे-धीरे ऑक्सीजन सेचुरेशन तो ठीक हुआ, लेकिन शुगर काफी बढ़ गई। इस बीच नाक से लेकर आंख तक दर्द होने लगा। ब्लैक फंगस की आशंका में डॉक्टर ने जांच करवाई तो फंगस की पुष्टि हो गई।

एमआरआई से पता चला कि फंगस आंख तक पहुंच चुका है। ऐसे में बुधवार को बीकानेर में ही ब्लैक फंगस की पहली सर्जरी प्लान हुई। आई और ईएनटी के डॉक्टर ओटी में जुटे। इससे पहले सभी जांचें कर पुख्ता रिपोर्ट देने में मइाक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी के डॉक्टर्स ने काफी बारीक अध्ययन किया। मेडिसिन के डॉक्टर्स ने शुगर कंट्रोल कर ऑपरेशन के लिए मरीज को तैयार किया।

 

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