बीकानेर। शिवबाड़ी स्थित लालेश्वर महादेव मंदिर के महंत एवं अधिष्ठाता सोनगिरी महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद यह पद रिक्त हो गया है। देवस्थान विभाग के अधीन होने के कारण इस मंदिर के महंत का आवास, पूजा कक्ष, स्टोर व अन्य सामान उन्होंने अपने कब्जे में ले लिया है। 2 जून को ब्रह्मलीन सोमगिरि महाराज का षोडशोपचार पूजन होगा।इसी दिन राज परिवार के सदस्य के साथ ही अन्य मठों के साधु-संत नए महंत की घोषणा करेंगे। नए महंत की घोषणा होने के बाद उसके प्रस्ताव देवस्थान विभाग को भेजे जाएंगे। विभाग इन्हें राज्य सरकार को भेजेगा। उसके बाद अधिकृत रूप से लालेश्वर महादेव मंदिर के महंत की घोषणा की जाएगी।देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ओपी पालीवाल का कहना है कि यह एक प्रक्रिया है। महंत के मुख्य कक्ष, स्टोर एवं अन्य सामान को सील किया गया है जिसे नए महंत की नियुक्ति के साथ ही खोल दिया जाएगा। पूजा के लिए विभाग ने अपनी तरफ से पुजारी भी नियुक्त कर दिया है।पूर्व राज परिवार की तरफ से विमर्शानंद महाराज को बनाया गया उत्तराधिकारी संवित सोमगिरि महाराज के ब्रह्मलीन होने पर उनके शिष्य विमर्शानंद महाराज को पूर्व राज परिवार की राजकुमारी व बीकानेर विधायक सिद्धि कुमारी ने तिलक निकाल कर उनको इस पद के लिए नियुक्त किया है। 2 जून को षोडशोपचार विधि के दिन संत समाज एवं पूर्व राजपरिवार की तरफ से इन्हीं का नाम प्रस्तावित किया जाएगा क्योंकि विधि विधान से इनको महंत माना जा चुका है। अब केवल देवस्थान विभाग और राज्य सरकार की मुहर लगनी बाकी है।

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