मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में CHC-PHC स्तर पर कोविड उपचार की व्यवस्थाओं को युद्ध स्तर पर सुदृढ बनाया जाए. मॉडल सीएचसी में भर्ती सुविधाओं, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने, शिशु गहन चिकित्सा इकाई स्थापित करने आदि कामों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए. इससे हमें कोरोना की दूसरी लहर के साथ-साथ तीसरी लहर का मुकाबला करने में मदद मिल सकेगी.

इसके साथ ही, कोविड रोगियों को स्थानीय स्तर पर समुचित उपचार मिलने से जिला एवं संभागीय अस्पतालों पर दबाव कम हो सकेगा. गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर सहित प्रदेश के जिन जिलों में संक्रमण की दर अधिक है, वहां माइक्रो कन्टेनमेंट जोन की व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए. डोर-टू-डोर सर्वे और दवा किट के वितरण के काम को तेज किया जाए. उन्होंने कहा कि कई बड़े निजी चिकित्सालयों में सिलेण्डर के माध्यम से ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था है. उन्हें पाइपलाइन के माध्यम से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति तथा स्वयं के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए.

गहलोत ने कहा कि कोविड रोगियों में ब्लैक फंगस के कई मामले सामने आना चिंताजनक है. इसके लिए अस्पतालों में विशेष उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात की ओर से आने वाले चक्रवाती तूफान के दृष्टिगत सभी जिलों में विशेष व्यवस्था रखने के लिए निर्देशित किया जाए. वहीं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर की भर्ती को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की जरूरत है. इससे सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध हो सकेगा.

उन्होंने ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना प्रक्रिया को और अधिक विकेन्द्रीकृत करने का सुझाव दिया. मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बताया कि समुद्री तूफान की तीव्रता को लेकर केन्द्रीय गृह सचिव तथा गुजरात के मुख्य सचिव के साथ लगातार संपर्क में हैं.

उन्होंने बताया कि राजस्थान में प्रवेश के साथ ही इसकी तीव्रता में कमी आने के आसार हैं. प्रदेश के दक्षिण एवं उत्तरी भाग में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और भारी वर्षा का पूर्वानुमान है. इसके मद्देनजर ऑक्सीजन का अग्रिम उठाव कर जिलों के अस्पतालों में इसके पर्याप्त बफर स्टॉक तथा बिजली की वैकल्पिक आपूर्ति सहित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं.

अतिरिक्त मुख्य सचिव  सुधांश पंत ने बताया कि विगत चार-पांच दिन में जयपुर में कोरोना संक्रमण की पॉजीटिविटी दर 30 प्रतिशत से घटकर 22 प्रतिशत के आस-पास आ गई है. मृत्यु के मामलों में भी कुछ कमी आई है. प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा ने बताया कि निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस बीमारी के उपचार की दरों का निर्धारण जल्द कर दिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इस बीमारी के उपचार की आवश्यक दवाओं की खरीद के लिए निविदा जारी कर दी गई है. निजी चिकित्सालयों में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों की मदद के लिए कार्मिक नियुक्त किए जाएंगे, जो मरीज के परिजनों को योजना का लाभ दिलाने में सहायता करेंगे.

सीएचसी एव पीएचसी स्तर पर आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही इंटरव्यू शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है. उद्योग सचिव आशुतोष एटी ने बताया कि तूफान के कारण जामनगर तथा हजीरा के संयंत्रों में ऑक्सीजन उत्पादन तथा इसके उठाव में कोई बाधा पहुंचने की सूचना नहीं है.

उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की नियमित पर्याप्त आपूर्ति मिलने की स्थिति में 17 अस्पतालों में 4 हजार ऑक्सीजन बेड अतिरिक्त बढ़ाए जा सकते हैं. चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या में कुछ कमी आई है और यह घटकर 1 लाख 59 हजार के आस-पास आ गए हैं.

केस दुगुने होने के समय में भी इजाफा हुआ है और डबलिंग टाइम 40 दिन हो गया है, जो कि कुछ दिन पहले 21 से 22 दिन तक आ गया था. रिकवरी रेट बढ़कर 81 प्रतिशत के आस-पास आ गई है.

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