कहते हैं जब दुश्मन से युद्ध होता है तब देश का हर नागरिक सैनिक बन जाता है। वह देश की रक्षा के लिए सैनिकों के बराबर अपनी जिम्मेदारी निभाता है। कोरोना भी किसी दुश्मन से कम नहीं है। कोरोना से लड़ी जा रही इस जंग में खाजूवाला के व्यापारियों ने अपना कर्तव्य समझ लिया है। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में खाजूवाला के व्यापारियों ने प्रेरणादायी पहल की है। पूरे बीकानेर के व्यापारी खाजूवाला की इस पहल से सीख ले सकते हैं।

खाजूवाला के व्यापारियों ने 12 मई तक स्वैच्छिक लॉक डाउन का ऐलान किया है। खाजूवाला थानाधिकारी रमेश सर्वटा ने बताया कि खाजूवाला के व्यापारियों ने यह समझ लिया है कि केवल डॉक्टर, प्रशासन व पुलिस कोरोना की चेन नहीं तोड़ सकते। कोरोना के खात्मे में सबसे बड़ा योगदान आमजन का होना चाहिए। विपदा के इस समय में बाजारों को बंद रखने के महत्व को समझते हुए खाजूवाला के व्यापारियों ने यह निर्णय लिया है।

12 मई तक बाजार में सब्जी भी नहीं मिलेगी। अतिआवश्यक होने पर होम डिलीवरी का विकल्प खुला रहेगा। पुलिस प्रशासन के साथ व्यापारियों की बैठक में सभी व्यापारियों ने लॉक डाउन पर सहमति दी है। वहीं अन्य संस्थान अध्यक्षों ने भी सहमति प्रदान की है।

इस पहल में फल-सब्जी के फूलदास स्वामी, बबलू खुराना, राहुल मक्कड़, किराणा के सुभाष बजाज, करणाराम जाखड़, रमेश तांवणियां, मोहन लेघा, टैन्ट एसोसिएशन के रामस्वरुप ढ़ाका, दूध-डेयरी एसोसिएशन के पवन शर्मा, हलवाई एसोसिएशन के बजरंगसिंह, टैक्सी एसोसिएशन के बूटासिंह व ई-मित्र के हरफूलसिंह सैनी ने बाजार बन्द रखने की सहमति दी है।पुलिस-प्रशासन ने व्यापारियों के स्वैच्छिक बन्द के निर्णय का स्वागत किया है।
सर्वटा ने अपील की है कि आमजन घर पर रहकर कोरोना की चेन तोड़ने में मदद करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here